
बिहार में बागमती और महानंदा पर बनेंगे तीन बराज, मोदी सरकार ने दे दी हरी झंडी
तीन नए बराज के निर्माण के बाद बिहार में इसकी कुल संख्या छह हो जाएगी। फिलहाल कोसी, गंडक और सोन नदी पर बराज है। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बताया कि मंजूरी के बाद विभाग इसके लिए आगे की प्रक्रिया में जुट गया है।
बिहार में तीन नये बराज के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इसके तहत बागमती नदी पर दो जबकि महानंदा नदी पर एक नए बराज का निर्माण होगा। केंद्रीय जल आयोग की स्क्रीनिंग कमेटी के तहत परियोजना मूल्यांकन संगठन ने इन परियोजनाओं के प्रारंभिक संभाव्यता रिपोर्ट (पीपीआर) को हरी झंडी दे दी।
तीन नए बराज के निर्माण के बाद बिहार में इसकी कुल संख्या छह हो जाएगी। फिलहाल कोसी, गंडक और सोन नदी पर बराज है। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बताया कि मंजूरी के बाद विभाग इसके लिए आगे की प्रक्रिया में जुट गया है।
दिल्ली में आयोजित केन्द्रीय जल आयोग के परियोजना मूल्यांकन संगठन की उच्चस्तरीय बैठक में व्यापक विमर्श के बाद ढेंग और कटौंझा में बागमती जबकि तैयबपुर में महानंदा नदी में नए बराज निर्माण पर सहमति दे दी गयी। बिहार ने पिछले दिनों इनके निर्माण को लेकर आयोग के पास विस्तृत प्रस्ताव भेजा था।
राज्य की चार बड़ी नदियों पर दूसरा बराज
राज्य की चार बड़ी नदियों पर दूसरा बराज बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत कोसी पर डागमारा में और गंडक नदी पर अरेराज में जबकि बागमती नदी पर ढेंग और कटौंझा पर नया बराज बनाने की योजना है। महानंदा नदी पर तैयबपुर में, सकरी नदी पर बकसोती में और मसान नदी के साथ-साथ अवसाने नदी पर भी बराज बनाने की योजना है। साथ ही कमला नहर प्रणाली का उन्नयन व बराज, सोन के इन्द्रपुरी बराज के उन्नयन और नाटा वीयर का बराज में परिवर्तन की भी योजना है।
11500 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा
दरअसल, केन्द्र सरकार द्वारा पिछले साल के केन्द्रीय बजट में बाढ़ न्यूनीकरण एवं सिंचाई परियोजनाओं, बराज निर्माण के साथ-साथ अन्य नयी और चालू योजनाओं के लिए 11500 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की गयी है। इसी के तहत बिहार आवश्यकतानुसार अपनी योजनाएं तैयार कर रहा है।





