केंद्र ने नहीं दिए पैसे, बिहार में 9 लाख पीएम आवास निर्माण रुका; 3350 करोड़ मांगेगी नीतीश सरकार
बिहार के 12 लाख 20 हजार लाभुकों को पक्का मकान बनाने के लिए राशि दी जानी है। इनमें करीब तीन लाख मकान ही पूर्ण हुए हैं। वहीं, 11.35 लाख को पहली, साढ़े सात लाख को दूसरी और तीन लाख 30 हजार लाभुकों को तीसरी किस्त का भुगतान किया गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अगस्त, 2025 से ही लाभुकों को राशि का भुगतान बंद है। इस कारण बिहार में नौ लाख परिवारों के आवास निर्माण का कार्य रुक गया है। इस साल 12 लाख 20 हजार आवास बनने थे, जिनमें तीन लाख ही बन पाये हैं। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब मात्र डेढ़ महीने का समय बचा है, पर राशि का भुगतान शुरू नहीं हो सका है। केंद्र सरकार ने जुलाई, 2025 के बाद राशि का भुगतान यह कहकर बंद कर दिया था कि अब नयी व्यवस्था (एसएनए -स्पर्श) से ही राशि जाएगी। इसलिए नई व्यवस्था को शीघ्र राज्य अपना लें।
नई व्यवस्था को लागू करने में विलंब होता देख ग्रामीण विकास विभाग ने पुरानी व्यवस्था में ही 31 मार्च, 2026 तक राशि देने का आग्रह किया था। विभाग के आग्रह पर केंद्र ने इस पर अपनी सहमति दी। केंद्र की सहमति मिलने के बाद 14 जनवरी, 2026 को विभाग ने केंद्र से राशि जारी करने का आग्रह किया था। इसके बाद मात्र 90 करोड़ केंद्र द्वारा जारी किया गया। वहीं, विभागीय पदाधिकारी बताते हैं कि यह राशि काफी कम है। इसलिए तत्काल अतिरिक्त 3350 करोड़ की मांग को लेकर जल्द ही केंद्र को पत्र भेजा जाएगा।
केंद्र सरकार ने कहा है कि नयी व्यवस्था के तहत अब राशि का भुगतान सीधे आरबीआई के माध्यम से लाभुकों को होना है। पूर्व के नियम के अनुसार आरबीआई से राशि की निकासी कर किसी दूसरे बैंक में जमा की जाती थी, फिर लाभुकों के खाते में इसका भुगतान किया जाता था। नई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया एनआईसी द्वारा की जा रही है। वित्त विभाग की देखरेख में इस नई व्यवस्था को लागू किया जा रहा है।
मालूम हो कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो बार में करीब साढ़े सात लाख आवास की स्वीकृति केंद्र सरकार ने दी थी। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल माह में और साढ़े पांच लाख और आवास की स्वीकृति मिली। इस तरह कुल राज्य के 12 लाख 20 हजार लाभुकों को पक्का मकान बनाने के लिए राशि दी जानी है। इनमें करीब तीन लाख मकान ही पूर्ण हुए हैं। वहीं, 11.35 लाख को पहली, साढ़े सात लाख को दूसरी और तीन लाख 30 हजार लाभुकों को तीसरी किस्त का भुगतान किया गया है। इस तरह अलग-अलग चरणों में किस्तों का भुगातन बंद है।


