
तंबाकू खाने वाले युवाओं का तैयार होगा डाटा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने युवा तंबाकू उपयोग का सर्वे कराने का निर्णय लिया है। यह सर्वे ‘ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे’ के तहत होगा, जिसमें आठवीं से दसवीं कक्षा के छात्रों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य तंबाकू के उपयोग के पैटर्न को जानना और युवाओं में तंबाकू की लत को कम करना है।
मुजफ्फरपुर। मृत्युंजय बिहार सहित पूरे देश में कितने युवा तंबाकू खा रहे हैं, इसका सर्वे कराया जाएगा। केंद्रीय स्वस्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय यह सर्वे कराएगा। इसका नाम ‘ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे’ रखा गया है। इसके लिए मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को निर्देश जारी किया गया है। मंत्रालय के निर्देश के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को सर्वे कराने के लिए पत्र लिखा है। स्वास्थ्य विभाग के गैर संचारी रोग कार्यक्रम के तहत यह सर्वे कराया जाएगा। मुजफ्फरपुर के एनसीडीओ डॉ. नवीन कुमार का कहना है कि इस सर्वे से युवाओं में तंबाकू की लत छुड़ाने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि इस सर्वे में आठवीं से दसवीं तक के बच्चों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करें। बच्चे इस अभियान के ब्रांड एंबेसडर बनाए जाएंगे, ताकि वे स्कूलों में जो बच्चे तंबाकू खाते हैं, उनकी लत छुड़ा सकें। इसके अलावा कॉलेजों में भी यह सर्वे किया जाएगा। इसके लिए राज्य के 69 स्कूलों का चयन किया गया है। मुजफ्फरपुर जिले में मुशहरी के एक स्कूल का चयन हुआ है। सर्वे से जाना जाएगा तंबाकू उपयोग का पैटर्न : राज्यों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि इस सर्वे का मकसद देशभर में तंबाकू उपयोग के पैटर्न को जानना है। यानी, युवा तंबाकू की श्रेणी में आने वाले किस चीज का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस सर्वे के बाद देश में तंबाकू नियंत्रण के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। मंत्रालय ने इस कार्यक्रम की निगरानी का जिम्मा राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) को दिया है। देश के सभी राज्य अपनी रिपोर्ट एनसीडीसी को सौंपेंगे। मुजफ्फरपुर में बंद हुआ तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम मुजफ्फरपुर जिले में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम ठप हो गया है। डेढ़ साल पहले तंबाकू नियंत्रण के तहत काम करने वाली काउंसलर के इस्तीफे के बाद राज्य सरकार ने जिले में दूसरे काउंसलर की नियुक्ति नहीं की। काउंसलर का काम स्कूलों और अन्य जगहों पर जाकर लोगों, युवाओं और छात्रों को तंबाकू की हानियों के बारे में बताना था। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम भी स्वास्थ्य विभाग के गैर संचारी रोग (एनसीडी) के तहत ही चलता है। हालांकि, एनसीडीओ डॉ. नवीन का कहना है कि वह एक डॉक्टर से लोगों की काउंसिलिंग करा रहे हैं। सदर अस्पताल के अलावा एसकेएमसीएच में भी तंबाकू नियंत्रण केंद्र सुपर स्पेशियलिटी में खोला गया था, लेकिन वहां इसको लेकर कोई काम नहीं हो रहा है।

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