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3 दिसंबर, 2020|12:53|IST

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चंद्रशेखर आजाद के जीवन संघर्ष से सीख लें युवा

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देश को आजाद कराने के लिए चंद्रशेखर आजाद जीवन के अंतिम क्षण तक लड़ते रहे। उनका सपना आजादी के बाद धर्मनिरपेक्ष व समानता पर आधारित समाजवादी भारत बनाने का था। लेकिन वर्तमान की केंद्र सरकार छात्रों को शिक्षा व रोजगार देने में पूरी तरह विफल है। ये बातें गुरुवार को मोतीझील स्थित कार्यालय में एआईडीएसओ व एआईडीवाईओ के संयुक्त तत्वावधान में शहीद चंद्रशेखर आजाद का शहादत दिवस मनाते हुए एआईडीवाईओ के जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहीं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ में सरकार देश के क्रांतिकारियों, मनीषियों व निर्माताओं के गौरवशाली परंपरा को मटियामेट कर रही है। वहीं, एआईडीएसओ के जिलाध्यक्ष शिवकुमार ने कहा कि महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद जैसे चरित्रों के जीवन संघर्ष से सीख लेकर आज छात्र-नौजवानों को हर तरह की धार्मिक कट्टरता व दकियानूसी विचारों से मुक्त होकर जनजीवन के सवालों को लेकर आंदोलन तेज करना ही होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. प्रमोद कुमार ने की। मौके पर रजत कुमार, पप्पू कुमार, सौरभ कुमार, श्रेया कुमारी, अनिकेत, उर्वशी, शीतल कुमारी, प्रियांशु कुमार, सतीश कुमार, खुशबू कुमारी, आयुषी कुमारी, माही गुप्ता आदि थे।

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  • Web Title:Youth should learn from Chandrashekhar Azad 39 s life struggle