DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिना शिक्षक के ही बन गए साइंस में अव्वल

आरएसएलसी प्लस-2 स्कूल रेवा में साइंस का एक भी शिक्षक नहीं हैं। आर्ट्स में चार और कॉमर्स में एक शिक्षक है। कुढ़नी स्थित इस स्कूल से इस बार इंटर साइंस में 11 बच्चों ने फर्स्ट डिवीजन के साथ सफलता हासिल की है। 65-70 फीसदी तक अंक लाने वाले इन बच्चों को फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायो से लेकर मैथ में 60 फीसदी से ऊपर अंक मिले हैं। यहां के 46 बच्चों को सेकेंड डिवीजन मिली है। बिना शिक्षक के बेहतर करने की यह स्थिति किसी एक स्कूल की नहीं है। जिले में साइंस में बेहतर अंक वाले बच्चों के स्कूलों में एक भी विज्ञान के शिक्षक नहीं हैं।इंटर रिजल्ट ने सरकारी स्कूलों के संसाधन से लेकर विभागीय व्यवस्था तक की कलई खोल दी है। शहरी और ग्रामीण स्कूलों में इंटर की पढ़ाई के लिए संसाधन से लेकर शिक्षकों के पदस्थापन में हुई गड़बड़ी सामने आई है। ग्रामीण क्षेत्र के कई स्कूल ऐसे हैं जहां 15-20 बच्चों को साइंस में फर्स्ट डिवीजन मिला है, जबकि यहां साइंस के एक भी शिक्षक नहीं हैं। वहीं, शहरी क्षेत्र के कई स्कूल जहां साइंस के शिक्षकों की भरमार हैं, लेकिन वहां फर्स्ट डिवीजन का खाता नहीं खुला। राजकीयकृत स्कूल गंगीया कटरा में भी साइंस के एक भी शिक्षक नहीं हैं। साहेबगंज हाईस्कूल समेत ऐसे स्कूलों की फेहरिस्त लंबी है। छह बच्चे, पांच शिक्षक : एक को फर्स्ट डिवीजनशहरी क्षेत्र के कई स्कूल ऐसे हैं जहां साइंस शिक्षकों की भरमार के बावजूद फर्स्ट डिवीजन का खाता नहीं खुल पाया है। कई स्कूल ऐसे जहां बच्चों से तिगुने शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन बच्चे बेहतर नहीं कर सके। एमएसकेबी हाईस्कूल में साइंस में पांच शिक्षक हैं और छह बच्चे साइंस की परीक्षा में शामिल हुए थे। इसमें एक को फर्स्ट डिवीजन मिला है। तिरहुत एकेडमी में साइंस के सात शिक्षक हैं। दो बच्चों ने परीक्षा दी थी। एक को फर्स्ट डिवीजन मिला है। राधा देवी गर्ल्स हाईस्कूल में साइंस के तीन शिक्षक हैं और तीन छात्राओं को फर्स्ट डिवीजन मिला है। डीएन हाईस्कूल समेत कई स्कूलों में नहीं आया बेहतर रिजल्टडीएन हाईस्कूल में साइंस में छह शिक्षक हैं। यहां साइंस में बच्चों की संख्या छह थी। एक भी बच्चे का रिजल्ट बेहतरी नहीं आया। प्राचार्य कहते हैं कि कुछ गड़बड़ी है। पता लगाया जा रहा है। यही स्थिति आरकेआर बिन्दा हाईस्कूल की भी है। इसके साथ ही सरमसतपुर हाईस्कूल, राजकीयकृत हाईस्कूल पारू में एक भी बच्चे का साइंस का बेहतर रिजल्ट नहीं आया है। नथुनी भगत स्कूल में साइंस के छह शिक्षक हैं और चार बच्चों को फर्स्ट डिवीजन मिला है। इन स्कूलों में एक भी बच्चे को नहीं मिला फर्स्ट डिवीजन हाईस्कूल मुरौल, कृष्णविभूति बालिका स्कूल कुढ़नी, आरकेडी हाईस्कूल साहेबगंज, भोला सिंह पुरुषोत्तमपुर हाईस्कूल समेत कई स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी बच्चे को फर्स्ट डिवीजन नहीं मिला है। बयान :::बच्चों के रिजल्ट के आधार पर सभी स्कूल की स्थिति देखी जा रही है। सभी हाईस्कूल प्राचार्य की बैठक कर इस पर ठोस कदम उठाया जाएगा।-कामेश्वर कामती, डीईओ

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Without Science teacher Student become topper