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23 फरवरी, 2020|6:51|IST

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बेचते थे समोसे, दिखा रहे अभिनय का जलवा

अखाड़ाघाट में कभी समोसे की दुकान चलाते थे। फिल्म देखने का शौक हमेशा खीच कर सिनेमा हॉल तक ले जाता। यह शौक जुनून में बदला तो मुजफ्फरपुर से मुंबई की राह पकड़ ली। राह आसान नहीं थी पर मंजिल एक ही थी, अपने अभिनय क्षमता को साबित करना। 
अखाड़ाघाट निवासी चंदन कुमार गुप्ता के इसी जुनून ने आज उनकी अभिनय क्षमता को बॉलीवुड के सामने साबित कर दिया और सिनेमाघर में उमड़ रही भीड़ ने दिखा दिया कि संघर्ष कभी जाया नहीं जाता। मुजफ्फरपुर के चंदन और विकास तथा हाजीपुर के पास के गांव के रोहित कुमार ने दिखा दिया कि बिहारी प्रतिभाओं का कोई सानी नहीं है। इन तीन दोस्तों के अभिनय के अलग-अलग रंगों से सजी पहली हिन्दी फिल्म ‘इंग्लिश की टांय-टांय फिस्स’ रिलीज हो चुकी है। इसमें चंदन और रोहित मुख्य भूमिका में हैं। 
चंदन कहते हैं कि मुजफ्फरपुर से कोलकाता और फिर मुबंई। राह बड़ी मुश्किल थी। मैकेनिक से लेकर सभी तरह के काम किए। कोलकाता में इस फिल्म के हीरो रोहित से मुलाकात हुई और उनके साथ ने हमें एक नई दिशा दी। खास यह कि इन दोस्तों ने अभिनय की कोई विशेष ट्रेनिंग कहीं बाहर से नहीं ली है। चंदन बताते हैं कि इस फिल्म में गोविन्द नामदेव, मनोज जोशी, सुनील पाल समेत कई दिग्गज कलाकार हैं। शहर पहुंचे इन कलाकारों ने कहा कि इस फिल्म में स्वच्छता के साथ अपनी भाषा को लेकर भी एक संदेश है। इस फिल्म का म्यूजिक जी ने रिलीज किया है।  

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  • Web Title:Used to sell samosas showing acting