
मूल प्रमाणपत्रों को नहीं रखेंगे कॉलेज और विश्वविद्यालय
संक्षेप: यूजीसी ने निर्देश दिया है कि कॉलेज और विश्वविद्यालय छात्रों के मूल प्रमाणपत्र नहीं रखेंगे। सत्यापन के लिए प्रमाणपत्र देखने के बाद उन्हें तुरंत वापस करना होगा। छात्रों को स्व-सत्यापित प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य होगा। सभी कॉलेजों को शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने का निर्देश भी दिया गया है।
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। छात्र-छात्राओं के मूल प्रमाणपत्रों को कॉलेज और विश्वविद्यालय नहीं रखेंगे। जांच या अन्य कार्रवाई के नाम पर मूल प्रमाणपत्रों को रखने पर यूजीसी ने यह सख्ती की है। बीआरए बिहार विवि के सभी कॉलेजों को इसका निर्देश दिया गया है। यूजीसी ने निर्देश दिया है कि सत्यापन की जरूरत पर कॉलेज या विवि मूल प्रमाणपत्र को देखने को मंगवा सकते हैं, लेकिन उसे तुरंत वापस भी कर देंगे। छात्रों के स्व-सत्यापित प्रमाणपत्रों को कॉलेज और विवि वैध मानेंगे। यूजीसी ने कहा है कि किसी प्रमाणपत्र की वास्तविकता पर संदेह होने पर संबंधित बोर्ड और विवि से संपर्क करेंगे।

कोई भी कॉलेज प्रवेश फार्म जमा करते समय किसी छात्र से मूल शैक्षणिक और व्यक्तिगत प्रमाणपत्र जैसे अंकपत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र और ऐसे अन्य दस्तावेज जमा करने के लिए नहीं कहेंगे, लेकिन उनकी स्व-सत्यापित प्रतियां जमा करना अनिवार्य होगा। कॉलेज छात्र के प्रवेश के समय उसकी उपस्थिति में मूल दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करेंगे तथा उनकी प्रामाणिकता के बारे में स्वयं संतुष्ट होने के बाद उन्हें तुरंत वापस कर देंगे। सत्यापित प्रतियां अपने रिकार्ड के लिए रखेंगे। अध्ययन कार्यक्रम के दौरान किसी भी समय भौतिक सत्यापन की आवश्यकता होने पर सत्यापन किया जाएगा और सत्यापन के लिए उपयोग किए गए मूल प्रमाणपत्रों को संबंधित छात्र को तुरंत वापस कर दिया जाएगा। कॉलेज स्थापित करेंगे शिकायत निवारण तंत्र छात्र-छात्राओं को अपने प्रमाणपत्रों के लिए चक्कर नहीं काटना पड़े, इसके लिए सभी कॉलेजों को शिकायत निवारण तंत्र बनाने का निर्देश दिया गया है। इस मुद्दे से संबंधित शिकायतों, अभ्यावेदनों और शिकायतों का प्रभावी ढंग से यहां समाधान किया जाएगा। कॉलेज की वेबसाइट पर शिकायत निवारण तंत्र उपलब्ध होगा ताकि सभी को इसकी जानकारी मिल सके।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




