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दो साल में दो योजना भी शुरू नहीं हुई शहर में

दो साल में दो योजना भी शुरू नहीं हुई शहर में

स्मार्ट सिटी के रूप में चयन होने के दो साल दो महीने बीतने के बाद भी शहर में अब तक दो योजना पर भी काम शुरू नहीं हो सकता है। इस कारण शहर राज्य के स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में अंतिम पायदान पर है। स्मार्ट सिटी के चुनाव के दूसरे दौर में भागलपुर ने बाजी मारी थी। इसके बाद पटना व मुजफ्फरपुर तीसरे दौर में सफल हुआ। अंतिम दौर में बिहारशरीफ को सफलता मिली थी। लेकिन, आज की तारीख में बिहारशरीफ ने भी मुजफ्फरपुर को पीछे छोड़ दिया है। शहरी विकास एवं आवासन मंत्रालय मंत्रालय की ओर से जारी रैंकिंग में मुजफ्फरपुर 79वें स्थान पर है। शहर को 100 अंकों में से मात्र 11.57 अंक ही मिला है।

पीडीएमसी की कार्य क्षमता पर लगातार उठ रहे सवाल

हाल में पटना में हुई स्मार्ट सिटी की समीक्षा बैठक में मुजफ्फरपुर को लेकर खास तौर पर चिंता जतायी गई। इसमें एकबार फिर पीडीएमसी की कार्यक्षमता पर सवाल उठे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में एजेंसी को हटाने पर भी गहन मंथन किया गया। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए जुब्बा सहनी पार्क, इंदिरा प्रियदर्शनी पार्क, चिल्ड्रन पार्क व इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर भवन सहित कई टेंडर की प्रक्रिया में हो रही देरी पर भी नाराजगी जतायी गयी। बीते दिनों नये प्रमंडलीय आयुक्त पंकज कुमार ने भी स्मार्ट सिटी की समीक्षा क्रम में इस पर कड़ी नाराजगी जतायी थी।

अब तक नहीं मिला कार्यालय कैंप कार्यालय से हो रहा काम

शहर में स्मार्ट सिटी का कार्यालय तक नहीं खुला है। कंबाइंड बिल्डिंग के तंग कमरे में इसका कैंप कार्यालय है। यही नहीं, प्रोजेक्ट मैनेजर, दक्ष इंजीनियर और प्लानर के अभाव में बार-बार डीपीआर त्रुटियों की जद में फंस रहा है। वहीं, इसके टेंडर आदि कार्य नगर निगम से संचालित होने के कारण भी लगातार परेशानी आ रही है। अभी तक स्मार्ट सिटी के लिए दक्ष कर्मचारियों और अधिकारियों तक की बहाली नहीं हो सकी है। एक योजना भी जमीन पर नहीं उतर सकी है। सरकारी कार्यालयों की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए ब्रेडा से अनुबंध और टेंडर होने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका है।

डेढ़ साल से बन रही योजना आ रही तकनीकी गड़बड़ी

डेढ़ साल पहले स्मार्ट सिटी परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी कंपनी लिमिटेड की कमान कोलकाता की श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड को सौंपी गयी था। उसको प्रोजेक्ट डेवलॉपमेंट मैनेजर कंसल्टेंट के रूप में योजना को विकसित कर जमीन पर उतरना था। एजेंसी ने ढाई अरब की 11 योजनाओं का डीपीआर तैयार किया, लेकिन बार-बार तकनीकी गड़बड़ी से प्रशासनिक स्वीकृति की जद में फंसी हैं।

मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी के कार्य की समीक्षा लगातार की जा रही है। एजेंसी को चेतावनी भी दी गई है। अब शीघ्र ही योजना कार्य जमीन पर दिखेगा। इसके लिए अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं।

-चैतन्य प्रसाद, प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग

इस साल दिसम्बर से स्मार्ट सिटी की कई योजनाओं का कार्य जमीन पर दिखने लगेगा। घिरनी पोखर में वेडिंग जोन के लिए सर्वे किया गया। 65 करोड़ की लागत से होने वाले कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जुब्बा सहनी व इंदिरा पार्क की योजना पर भी काम एक माह में शुरू होगा। स्टेडियम, बस स्टैंड, ट्राफिक कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

-सुरेश कुमार शर्मा, नगर विकास एवं आवास मंत्री

बीते दो महीने से लगातार स्मार्ट सिटी के क्रियाकलाप की प्रतिदिन समीक्षा हो रही है। इसका प्रतिफल शीघ्र दिखेगा। बुडको को तकनीकी स्वीकृति के लिए कई योजना भेजी गई है। रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं, चार योजना का टेंडर हो चुका है। शीघ्र कार्य आदेश जारी होगा। पीडीएमसी को भी कार्यशैली में सुधार लाने को कहा गया है। -मनेश कुमार मीणा, नगर आयुक्त

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  • Web Title:Two plans have not been started in the city in two years