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23 अक्तूबर, 2020|4:45|IST

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पानी घटने के बावजूद कम नहीं हुई मुसीबत

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बागमती के जलस्तर में मंगलवार को करीब डेढ़ फीट की कमी होने के बाद भी इलाके के सवा लाख की आबादी के समक्ष आवागमन का संकट बना हुआ है। बसघट्टा बागमती बांध के निकट पिछले 13 जून को डायवर्सन पर पानी चढ़ने से बेनीबाद-बकुची-औराई मुख्य मार्ग पर वाहनों का परिचालन ठप हो गया था।

बर्री-तेहवारा मुख्य मार्ग में बर्री से आगे करीब 500 फीट में सड़क 30 बर्षो से टूटा हुआ है। इन गांव से प्रखंड मुख्यालय की दूरी मात्र छह किमी है। लेकिन टूटी सड़क के कारण सिंहवारा-बेनीबाद के रास्ते 20 से 25 किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर जिला व प्रखंड कार्यालय आते जाते है। यही हाल कटरा-बकुची-पहसौल मुख्य मार्ग का है जहां बागमती पर करीब 23 बर्ष बाद भी पुल का निर्माण कार्य नहीं हो सका है। सालोभर प्रखंड की उत्तरी 14 पंचायत के अलावा औराई, जाले, सिहंवारा, बोखरा आदि प्रखंड की लाखों की आबादी पीपा पुल के सहारे है। इलाके में कोई घटना घटित होने पर सबसे अधिक परेशानी पुलिस प्रशासन को होती है। मात्र 15 किमी की दूरी 50 से 60 की तय कर घटनास्थल पर पहुंचना होता है। तबतक अपराधी आराम से भाग निकलते हैं।

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  • Web Title:Trouble has not reduced despite the decrease in water