
दरवाजे पर पड़ा था पति का शव, किस्त लेने आ धमके गुंडा बैंक के कर्मी
सिराजाबाद गांव में अकबर अली की हार्ट अटैक से मौत हुई, जिसका कारण गुंडा बैंक के कर्ज का दबाव था। आसमा खातून ने बताया कि गांववालों ने गुंडा बैंक के एजेंटों को बंधक बना लिया था। नवलपुर मिश्रौलिया में भी गुंडा बैंक के प्रताड़ना से सात लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे परिवारों को गांव छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।
सकरा, हिन्दुस्तान संवाददाता। सिराजाबाद गांव में बीते साल किस्त की राशि इंतजाम नहीं हुआ तो चिंता में अकबर अली की को हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। दरवाजे पर शव रखा था और गुंडा बैंक के एजेंट किस्त के लिए आ धमके। आसमा खातून ने गुंडा बैंक के लोन और पति की मौत की आपबीती बताई। उसने बताया कि आक्रोशित हुए ग्रामीणों ने तीनों एजेंटों को बंधक बना लिया था। आसमा ने बताया कि बाद में कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर तीनों एजेंटों को समझाकर भगा दिया। फाइनेंसकर्मी पहले तरह-तरह के प्रलोभन देकर कर्ज देते हैं। बाद में गरीबी और आर्थिक तंगी के कारण किस्त देने में विलंब होने पर घर पर आकर बैठ जाते हैं।
दुर्व्यवहार भी करते हैं। इन्हीं वजहों से किस्त का समय आने पर रुपए का इंतजाम नहीं हुआ तो पति परेशान हो गए थे। गांववालों से पहले ही कर्ज ले चुके थे। चिंता में उन्हें हार्ट अटैक आ गया। सामूहिक आत्महत्या के बाद भी नहीं रुका तगादा, बेटों ने गांव छोड़ा : नवलपुर मिश्रौलिया में सामूहिक आत्महत्या से पूर्व बीते डेढ़ साल में गुंडा बैंक के प्रताड़ना से परेशान होकर सात लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें छह ने फंदे से लटककर आत्महत्या की, जबकि एक की मौत हार्टअटैक से हुई है। वर्ष 2024 में सकरा वाजिद गांव स्थित ब्रह्मस्थान के पेड़ से लटककर शिवनाथ दास और इसकी पत्नी भूखली देवी ने आत्महत्या की थी। पिता की मौत के बाद कर्ज देने वाले उनके पुत्र को परेशान करने लगे। पिता के कर्ज के रुपये चुकाने में असमर्थ होने के बाद शिवनाथ के दोनों पुत्र रामबाबू दास वो श्याम बाबू दास ने घर छोड़ दिया। पूरे परिवार के साथ दोनों पंजाब में रह रहे हैं। पिता की मौत के बाद उसने गुंडा बैंक के खिलाफ थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई, लेकिन कंपनी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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