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23 जुलाई, 2020|8:41|IST

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अधिकांश सड़कों पर पानी होने व टूटने से आवागमन ठप

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बागमती के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने से नदी अब अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दी है। चारों तरफ पानी ही पानी है। कटरा प्रखंड से जिला मुख्यालय में जानेवाली कटरा-मझौली मुख्य मार्ग पेट्रोल पम्प से लेकर दरगाह चौक तक कई जगह टूटने के साथ ही ढ़ाई से तीन फीट पानी बह रहा है। इससे कटरा प्रखंड मुख्यालय का चारो तरफ से जिला मुख्यालय से सड़क सम्पर्क भंग हो गया है। लगातार हो रही बारिश से बागमती के जलस्तर में गुरुवार को भी वृद्धि हुई। इससे बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों की स्थिति भयावह होती जा रही है। प्रखंड की 19 पंचायत के डेढ़ लाख की आबादी के समक्ष आवागमन, पशुचारा, पेजयल, बिजली, आदि की समस्या विकराल हो गई है। प्रखंड के करीब पांच हजार की आबादी ऊंचे ऊंचे जगहों पर खुले आसमान में रहने पर मजबूर हैं। प्रखंड के 10 हजार एकड़ में लगी धान की फसल पूर्ण रूप से नष्ट हो गई है। एक पंचायत से दूसरे पंचायत में जाने के लिए नाव की व्यवस्था न होने से प्रभावित लोग घर में ही कैद हो गए हैं। पांच हजार घरों में घुसा बाढ़ का पानी बागमती का पानी प्रखंड के धनौर, शिवदासपुर, कटरा, सोनपुर, बसघट्टा, चंगेल, नगवारा, कटाई, यजुआर पूर्वी, लखनपुर, यजुआर मध्य, खंगुरा, पहसौल, यजुआर पश्चिमी, बंधपूरा, बेलपकौना, बर्री, तेहवारा आदि पंचायत पूर्ण रूप से बाढ़ प्रभावित है। करीब पांच हजार घरों में पानी घुसा है। मवेशी के बांधने से लेकर पशुचारा की समस्या है। बागमती तटबंध के भीतर बसे मोहनपुर, बर्री, भवानीपुर, बकुची, अंदामा, माधोपुर, गंगेया, नवादा, चंदौली समेत कई गांव पूरी तरह जलमग्न है। अधिकांश चापाकल डूब गए हैं साथ ही बांध के बाहर के धनौर, कटरा, सोनपुर, बरैठा, बंधपुरा, खंगुरा आदि गांव के करीब दो हजार घरों में पानी घुसा हुआ है। प्रशासन द्वारा दी जा रही पॉलीथिन सीट कम पड़ रहे हैं। इसके कारण मुखिया भी पॉलीथिन सीट बांटने से कतराने लगे हैं। सड़कों पर बह रहा चार फीट बाढ़ का पानी बेनीबाद-बकुची-औराई मुख्य मार्ग पर पॉवर ग्रिड से लेकर रेडक्रॉस बर्री तक छह किमी में साढ़े तीन फीट से लेकर चार फीट तक पानी बह रहा है। बकुची चौक से लेकर बागमती नदी के रास्ते दक्षिणी तटबंध तक मोटरवोट के सहारे एनडीआरएफ की टीम लोगों को आरपार करवा रही है। बागमती नदी गंगेया स्थित पीपा पुल पर आवागमन बाधित होने के बाद ग्रामीण चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। आवश्यक सामग्री की किल्लत होंने लगी है। ग्रामीण बबलू कुमार , वीरेन्द्र सिंह , आदि की माने तो सरकार बाढ़ पीड़ितों को भगवान भरोसे छोड़ दी है। सीओ सुबोध कुमार ने बताया कि प्रभावित परिवारों के बीच पॉलीथिन सीट पंचायत वार दिया जा रहा है साथ ही लोगों को ऊंचे स्थान पर शरण लेने को कहा गया है।

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  • Web Title:Traffic stalled due to water and breakdown on most roads