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इसलिए 20 मार्च को मारवाड़ी समुदाय की महिलाएं व कन्याएं रखेंगी उपवास

ईशर गणगौर तीज व्रत चैत्र शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है। इस बार यह व्रत 20 मार्च को है। इस दिन मारवाड़ी समुदाय की महिलाएं उपवास रख ईशर-गणगौर की पूजा करेंगी। शाम में प्रतिमा का विसर्जन कर विदाई देंगी। महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए और कुंवारी कन्याएं मनपसंद वर पाने की कामना के साथ यह व्रत करती हैं। इस व्रत में पार्वती के अवतार के रूप में गणगौर माता व भगवान शंकर के अवतार में ईशर की पूजा-अर्चना की जाती है। सूतापट्टी की राधा बंका, सुनीता सुलेखा व पुरानी बाजार की ज्योति सरावगी बताती हैं कि इस 16 दिवसीय व्रत के लिए महिलाएं होलिका दहन के दूसरे दिन से ही घरों में गणगौर माता की हर रोज पूजा कर ही हैं। वे सुबह उठकर दूब व फूल बगीचे से लाती हैं। दूब से दूध के छींटे मिट्टी की बनी हुई गणगौर माता की प्रतिमा को देती हैं। थाली में दही, पान, सुपारी, दूब, काजल, चांदी का छल्ला आदि से गणगौर पूजन करती हैं। उधर, सालासर हनुमान मंदिर में बालाजी महिला मंडल की ओर से गणगौर पूजन किया जाएगा। मंदिर के संयुक्त सचिव विजय क्याल व मंटू सुरेका ने बताया कि सुबह में महिलाएं एक जुट होकर पूजन करेंगी।

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  • Web Title:Therefore, Marwari community women and girls will keep fast on 20th March