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वर्षों की मेहनत से हासिल होता है मुकाम

वर्षों की मेहनत से हासिल होता है मुकाम

गुलामाने अहलेबैत कमेटी की ओर से रविवार को पक्की सराय स्थित कर्रार साहब की मस्जिद में 12वें इमाम की यौमे पैदाइश पर जश्ने वली असर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध शायरों व मदहख़ानों ने नात व मनकेबत के अशआर पेश किए। वहीं जश्न में खिताब करते हुए ख्याति प्राप्त खतीब मौलाना असद यावर ने इमाम मेहदी की जीवनी पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि वे 15 शाबान सन 255 हिजरी में पैदा हुए। इमाम हसन असकरी ने पैगाम दिया कि दीन की सुरक्षा, अपने नफ़्स पर काबू रखने, पाक और अल्लाह के रसूल व इमामों के हुक्म की पैरवी करने वाले की तकलीद की जाएगी। उन्होंने कहा के आलिमे दीन होना आसान काम नहीं है। वर्षों की मेहनत व लंबा तजर्बा जब साथ होता है तब कोई उस मुकाम पर पहुंचता है और इनकी लोग तकलीद करें। महफिल की सदारत मौलाना नेहाल हैदर गोपालपुरी ने की। उन्होंने अशआर पेश कर श्रोता को मंत्रमुग्ध किया। शेखपुरी, फैयाज हैदर, मिर्ज़ा मुशीर रज़ा, सैयद मोहम्मद बाकर, अकील हैदर शहंशाह , यासर यावर, मोहम्मद तुफैल आदि ने भी कलाम पेश किया। इस अवसर पर बड़ी तादाद में लोग उपस्थित थे।

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  • Web Title:The hard work of the years is achieved