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विकास के लिए तकनीकी शिक्षा को अपनाना होगा

विकास के लिए तकनीकी शिक्षा को अपनाना होगा

मौलाना आजाद ने कहा था कि दिल से दी गई शिक्षा समाज में इंकलाब ला सकती है। प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना आजाद ने 11 वर्षों तक राष्ट्र की शिक्षा नीति का मार्गदर्शन किया। आज के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में मौलाना के दिखाए रास्ते पर चलने की जरूरत है। ये बातें शनिवार को बीआरए बिहार विवि के कुलपति डॉ. अमरेन्द्र नारायण यादव ने कही। वे विवि उर्दू विभाग में शिक्षा दिवस सह मौलाना अबुल कलाम आजाद जयंती सप्ताह पर आयोजित सेमिनार में संबोधित कर रहे थे। पूर्व कुलपति प्रो. निहार नंदन सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा का जो स्वरूप उन्होंने स्थापित किया, वही आज चल रहा है। शिक्षा ही नहीं देश की एकता के लिए भी उन्होंने जो कीमत चुकाई, वह हमें याद करने की जरूरत है। मौलाना मजहरूल हक अरबी फारसी यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. एजाज अली अरशद ने कहा कि उनकी सोच धर्म के सहारे के साथ ही तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने की थी। सिर्फ धर्म के आधार पर हम विकास नहीं कर सकते। इसके लिए हमें तकनीकी शिक्षा को अपनाना होगा। आईआईटी और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की स्थापना का श्रेय मौलाना आजाद को ही है। उन्होंने शिक्षा और संस्कृति को विकिसित करने के लिए उत्कृष्ट संस्थानों की स्थापना की। उर्दू विभागाध्यक्ष डा. मो. हामिद अली खान ने कहा कि केंद्रीय सलाहकार शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष होने पर सरकार से केंद्र और राज्यों दोनों के अतिरिक्त विवि में सारभौमिक प्राथमिक शिक्षा, 14 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा, कन्याओं की शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कृषि शिक्षा और तकनीकी शिक्षा जैसे सुधारों की वकालत मौलाना ने की। इस मौके पर मो. नैयमुल हक ने भी विचार रखे।

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  • Web Title:Technical education should be adopted for development