
मतदाता सूची से खोजे जाएंगे स्कूलों से गायब बच्चे
बिहार में 20 नवंबर से स्कूलों से बाहर के बच्चों का गृहवार सर्वेक्षण किया जाएगा। 6 से 19 साल के बच्चों में से 30-40% की अनुपस्थिति पर चिंता जताई गई है। हेल्प डेस्क बनाकर शिक्षक बच्चों की पहचान करेंगे। यह प्रक्रिया 20 नवंबर से 20 जनवरी तक सभी जिलों में चलेगी।
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। स्कूलों से गायब बच्चे मतदाता सूची से खोजे जाएंगे। सूबे में स्कूल से बाहर के बच्चों का गृहवार सर्वेक्षण 20 नवंबर से होगा। सूबे में नामांकित बच्चों में से 30 से 40% बच्चों की लगातार अनुपस्थिति से चिंता बढ़ी है। इसे लेकर 6 से 14 की उम्र वाले ही नहीं, 15 से 19 साल के किशोर भी चिन्हित होंगे। इसको लेकर मुजफ्फरपुर समेत सभी जिलों में 70 हजार से अधिक स्कूलों में हेल्प डेस्क बनाया जाएगा। हेल्प डेस्क पर प्रतिनियुक्त शिक्षक संबंधित बीएलओ से मतदाता सूची लेकर घरों को चिन्हित करेंगे। विभाग ने निर्देश दिया है कि शिक्षक ऐसे बच्चों की भी खोज करेंगे जो लगातार 30 दिनों से स्कूल नहीं आ रहे हैं।

30 दिन तक लगातार स्कूल नहीं आने वाले बच्चों को छीजित माना जाएगा। केवल स्कूल ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्र में स्टेशन, बस स्टैंड, मंदिर-मस्जिद के पास के बच्चे भी चिन्हित होंगे। सभी जिलों में 20 नवंबर से 20 जनवरी तक यह प्रक्रिया चलाई जाएगी। हेल्प डेस्क पर सबसे बेहतर और युवा शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। 24 बिंदुओं पर बच्चे की भरी जाएगी जानकारी स्कूल से बाहर के चिन्हित बच्चों की 24 बिंदुओं पर जानकारी भरी जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से फॉर्मेट तैयार कर भेजा गया है। मतदाता सूची के अनुसार घर-घर जाने को लेकर हर शिक्षक के बीच काम का बंटवारा किया जाएगा। इस काम में शिक्षकों के साथ ही टोला सेवकों और आंगनबाड़ी सेविका का भी सहयोग लेना है।

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