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24 सितम्बर, 2020|11:37|IST

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दूसरे स्कूल में जाने वाले बच्चों की फंसी पढ़ाई

लॉकडाउन में जिले के सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। एक स्कूल से दूसरे स्कूल में नामांकन कराने के लिए जाने वाले बच्चों की पढ़ाई में पेच फंसा है। लॉकडाउन में अधिकांश स्कूलों में ऑनलाइन कक्षा शुरू कर दी गई है। इस बार अधिकांश स्कूलों में परीक्षा नहीं हुई। ऐसे में नामांकित बच्चों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में प्रमोट करा उनका क्लास कराया जा रहा है।
लॉकडाउन से पहले स्कूलों में नामांकन की प्रक्रिया चल रही थी। बड़ी संख्या में ऐसे स्कूल हैं जहां नए नामांकन के लिए टेस्ट ले लिया गया। लेकिन आगे की प्रक्रिया लॉकडाउन की वजह से लटक गई। अब ऐसे बच्चे जो नए स्कूल में नामांकन कराने को टेस्ट दे चुके हैं, वर्तमान में किसी भी स्कूल में नहीं हैं। ये बच्चे ना पहले वाले स्कूल की कक्षा कर पा रहे हैं और न उस स्कूल में जहां नामांकन कराना था। बच्चों की पढ़ाई बाधित होते देख कई अभिभावकों ने डीईओ से गुहार लगाई है। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन से भी इस संबंध में मांग की है।

हमारे बच्चे कहां करेंगे कक्षा, उठाया सवाल
गोबरसही निवासी बसंत कुमार बताते हैं कि बेटा पहले गोबरसही चौक स्थित स्कूल में पढ़ता था। इस बार दूसरे स्कूल के लिए उसका टेस्ट दिलाया। अब मुश्किल यह है कि मेरा बेटा कहीं पढ़ाई नहीं कर पा रहा है। पहले के स्कूल वाले कहते हें कि हमारे यह अब नामांकित ही नहीं है। सरैयागंज निवासी अर्चना कुमार ने बताया कि बेटी पांचवीं में पढ़ता है। इस बार छठी कक्षा में दूसरे स्कूल के लिए नामांकन परीक्षा दिलवाई। ऐसे एक नहीं बल्कि बड़ी संख्या में बच्चे हैं जो फंस गए हैं।

स्कूल मना नहीं कर पाएंगे बच्चों को पढ़ाने से
डीईओ डॉ. विमल ठाकुर ने बताया कि अगर बच्चे ने स्कूल का टेस्ट दे दिया है तो स्कूल उसे पढ़ाने से मना नहीं कर पाएंगे। ऐसे बच्चों को भी ऑनलाइन कक्षा में शामिल करना है। डीईओ ने कहा कि सभी प्राइवेट स्कूल इसे निर्धारित करेंगे।

 

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  • Web Title:Stuck studies of children going to another school