वाहनों पर जाति आधारित स्लोगन के खिलाफ परिवहन विभाग सख्त
मुजफ्फरपुर में, परिवहन विभाग वाहनों पर जाति आधारित स्लोगन लिखवाने वालों के खिलाफ सख्ती बरतेगा। अगले महीने से धर-पकड़ अभियान शुरू होगा। वाहन मालिकों को जातिसूचक शब्द हटाने का नोटिस दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर अर्थदंड और वाहन जब्ती की कार्रवाई होगी।

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। वाहनों पर जाति आधारित स्लोगन लिखवाना या उससे संबंधित स्टीकर लगाने वाले मालिकों पर सख्ती होगी। परिवहन विभाग ऐसे वाहनों के खिलाफ अगले माह से बड़े पैमाने पर धर पकड़ अभियान चलाएगा। इसके लिए जिला परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों को एसएमएस से लेकर ईमेल भेजकर वाहनों पर लिखे जातिसूचक शब्द हटाने को कहा है। साथ ही एक महीने के बाद ऐसे स्लोगन या स्टीकर लगे वाहनों के पकड़े जाने पर उसे जब्त तक किया जा सकता है। डीटीओ कुमार सत्येन्द्र यादव ने बताया कि जिले में ऐसे वाहन मालिकों को एक महीने का नोटिस दिया गया है।
अगले महीने से ऐसे वाहनों को पकड़ने के लिए जांच अभियान चलाया जाएगा। पकड़े गए वाहन चालकों पर अर्थदंड के अलावा वाहन जब्ती की कार्रवाई तक की जाएगी। कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने इसको लेकर हाल ही में निर्देश दिया है। मोर्थ ने यह निर्देश इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के आलोक में दिया है, जिसमें कोर्ट ने ऐसे वाहनों के प्रति सख्ती बरतने को कहा है।डीटीओ ने बताया कि केंद्र सरकार को भी इससे संबंधित शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसमें कहा गया था कि जातिसूचक शब्द लिखने से सामाजिक वैमनस्यता में वृद्धि हो रही है। इस तरह के चलन से दूसरी जातियों को कम दिखाने का प्रयास होता है, जो एक आदर्श समाज के लिए सही नहीं है। इसके लिए कोर्ट के साथ ही केंद्र सरकार ने परिवहन विभाग के पुराने नियमों का सहारा लिया है जिसमें वाहनों पर केवल रजिस्ट्रेशन नंबर ही लिखना होता है। अन्य किसी भी तरह का स्लोगन या जाति सूचक शब्द लिखवाना इन नियमों का उल्लंघन है। यह मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 177 एवं 179 के तहत दंडनीय अपराध भी है।
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Somnath Satyomशॉर्ट बायो: सोमनाथ सत्योम पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में रेलवे, मिलिट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
सोमनाथ सत्योम पत्रकारिता जगह के एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ में बतौर सीनियर कॉटेंट क्रिएटर कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने पत्रकारिता के कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
सोमनाथ ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में राष्ट्रीय सहारा और फिर प्रभात खबर जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2015 में ‘हिन्दुस्तान’ के साथ कैरियर को आगे बढ़ाया। वर्ष 2018 में बालिका गृह कांड में बेहतर रिपोर्टिंग के लिए स्टार गोल्ड टीम पुरस्कार से भी नवाजे गये। मई 2022 से सितंबर 2023 तक प्रभात खबर से जुड़े रहे। पुन : अक्टूबर 2023 से ‘हिन्दुस्तान’ से जुड़े। रेलवे, मिलिट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बीट पर विशेष पकड़ बनाये हुए हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.A (अर्थशास्त्र) और मास कम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा होने के कारण सोमनाथ पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह रेलवे, इंफ्रास्स्ट्रक्चर, मेडिकल व मिलिट्री बीट पर कमांड होने के साथ ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सप्लेनर स्टोरीज लिख रहे हैं।
विजन
रेलवे और रेल यात्रियों के मुद्दाें पर सोमनाथ की गहरी समझ है। उन्होंने कई बड़े रेलवे योजनाओं, मेडिकल रिसर्च, मिलिट्री भर्ती (अग्निवीर) और टाउन डेवलॉपमेंट से जुड़े स्टोरीज किये हैं। सोमनाथ का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता ही है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
रेलवे, मिलिट्री, इंफ्रास्ट्रक्चर, राजनीतिक, सामाजिक सरोकार, मेडिकल रिसर्च और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


