Hindi NewsBihar NewsMuzaffarpur NewsSpiritual Teachings on Happiness and Peace at Bhagwat Katha in Muzaffarpur
शांति के लिए धर्मानुकूल आचरण आवश्यक : छोटे बापू

शांति के लिए धर्मानुकूल आचरण आवश्यक : छोटे बापू

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के चौथे दिन छोटे बापू ने कहा कि सुख और शांति के लिए धर्मानुकूल आचरण जरूरी है। उन्होंने युधिष्ठिर का उदाहरण देते हुए बताया कि व्यक्तिगत लाभ के बजाय सभी...

Sep 12, 2025 01:18 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
share Share
Follow Us on

मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सर्वोदय ग्राम खादी ग्रामोद्योग परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के चौथे दिन गुरुवार को कथावाचक छोटे बापू ने कहा कि मानव जीवन में सुख और शांति प्राप्त करने के लिए धर्मानुकूल आचरण करना आवश्यक है। उन्होंने समझाया कि मन, वचन और व्यवहार से किसी का बुरा सोचने या करनेवाला व्यक्ति कभी सुख-शांति प्राप्त नहीं कर सकता। उन्होंने धर्मराज युधिष्ठिर का उदाहरण देते हुए कहा कि महाभारत युद्ध के बाद हस्तिनापुर का सिंहासन पाकर भी युधिष्ठिर दुःखी रहे, क्योंकि अपनों के वध और असंख्य जनहानि की पीड़ा उन्हें सताती रही। भगवान श्रीकृष्ण और भीष्म पितामह ने उन्हें धर्म, दान, मोक्ष, स्त्री धर्म, राजधर्म तथा भागवत धर्म का महत्व समझाया।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

छोटे बापू ने कहा कि जो कुछ हमें प्राप्त है, उसका उपयोग केवल अपने लिए न कर, बल्कि समस्त प्राणियों की सेवा में करना चाहिए। जब हम अन्न, वस्त्र और धन से दूसरों के सुख की कामना करते हैं तो हमें उससे अधिक सुख और शांति मिलती है। कथा में देवांशु किशोर, अभय कुमार चौधरी, वीरेंद्र कुमार, रूपेश चंद्र रूपम, योगेश प्रसाद सिंह, मृत्युंजय कुमार, रजनीश कुमार, कमलेश कुमार ठाकुर, सरोज कुमार, सियारामशरण व्यास, राजन कुमार, चितरंजन कुमार, विजय शंकर सिंह, प्रेमशंकर शर्मा आदि थे।