
अस्पतालों में बारिश वाली बीमारियों के मरीजों बढ़े
मुजफ्फरपुर के सरकारी अस्पतालों में नवंबर महीने में बारिश वाली बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जॉन्डिस और डायरिया के मरीजों की संख्या अधिक है, खासकर छोटे बच्चों में। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के कारण ये बीमारियां बढ़ रही हैं, और बदलते मौसम से सर्दी-खांसी और बुखार के मरीज भी आ रहे हैं।
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता सरकारी अस्पतालों में नवंबर महीने में बारिश वाली बीमारियों के मरीज बढ़ गए हैं। एसकेएमसीएच से लेकर मॉडल अस्पताल तक ऐसी बीमारियों से ग्रसित मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। इसमें जॉन्डिस और डायरिया के मरीज ज्यादा है। जॉन्डिस के शिकार कई बच्चे अब भी मेडिकल के पीकू में भर्ती हैं। एसकेएमसीएच के शिशु रोग विभाग में एसो. प्रोफेसर डॉ. जेपी मंडल ने कहा कि पहले नवंबर महीने में जल जनित बीमारियों के मरीज नहीं आते थे। अभी ऐसे मरीज हर दिन इलाज को पहुंच रहे हैं। जॉन्डिस के अलावा डायरिया के मरीज भी इलाज के लिए ओपीडी में आ रहे हैं।

यही, प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के मरीज भी इलाज को पहुंच रहे हैं। डॉ. मंडल ने बताया कि देर तक बारिश होने के कारण ऐसा होने की संभावना है। डायरिया के साथ टाइफाइड के मरीज भी इस मौसम में पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अमूमन ये बीमारियां बरसात और उसके आसपास लोगों को होती हैं। सदर अस्पताल में मेडिसिन विभाग के डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि मौसम बदलने से सर्दी-खांसी व बुखार के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। हर दिन 50 से अधिक मरीज इलाज कराने अस्पताल पहुंच रहे हैं। बताया कि बदलते मौसम में लोग रात में भी पंखा चलाकर सो रहे हैं इसलिए उन्हें ज्यादा परेशानी हो रही है।

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