
सबसे पुराने पांच-पांच सिविल व आपराधिक मामले की हर दिन होगी सुनवाई
मुजफ्फरपुर में हाईकोर्ट के निर्देश पर पुराने सिविल और आपराधिक मामलों की सुनवाई हर दिन स्पीडी ट्रायल के माध्यम से होगी। इन मामलों का निष्पादन तीन महीने के अंदर किया जाएगा। यह प्रक्रिया 8 दिसंबर से प्रभावी होगी और इसमें 10 से 20 वर्ष पुराने मामले शामिल हैं।
मुजफ्फरपुर, हिप्र। सबसे पुराने पांच-पांच सिविल व आपराधिक मामले की स्पीडी ट्रायल के माध्यम से हर दिन सुनवाई होगी। इन मामलों का तीन महीने के अंदर निष्पादन किया जाएगा। पुराने मामले को सबसे नीचे से सूचीबद्ध किया जाएगा। इन मामलों में से निष्पादन होने के बाद उसके आगे के मामले का चयन कर उसकी सुनवाई प्रतिदिन की जाएगी। वर्षों से लंबित मामलों को निश्चित अवधि में निष्पादन कराने को लेकर यह निर्देश हाईकोर्ट ने दिया है। इसके आलोक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सभी कोर्ट के पीठासीन पदाधिकारियों को इसकी सूची तैयार कर हर दिन सुनवाई करने का निर्देश दिया है।
यह निर्देश आठ दिसंबर से प्रभावी माना जाएगा। सभी कोर्ट में अन्य मामलों की नियमित सुनवाई से यह अलग होगी। लोक अभियोजक अजय कुमार ने बताया कि विभिन्न कोर्ट में पुराने मामले की सुनवाई शुरू करा दी गई है। उन्होंने बताया कि सभी अपर लोक अभियोजकों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। विशेष लोक अभियोजक (एनडीपीएस एक्ट) मुकेश प्रसाद सिंह ने बताया कि उन्होंने वर्षों पुराने मामले की सूची तैयार कर ली है। इसमें दस से 20 वर्ष तक पुराने मामले शामिल हैं। इसमें एक मामला तो 2005 की है। यह मामला रेल पुलिस थाना में दर्ज की गई थी। इसमें आठ गवाह हैं। ये गवाह विशेष कोर्ट के समक्ष गवाही के लिए नहीं आ रहे हैं। इससे सुनवाई टल रही है। उन्होंने आशंका जताई कि प्रत्येक दिन होने वाली सुनवाई में अगर गवाह विशेष कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं हुए तो इससे आरोपितों को लाभ मिल सकता है। इन मामलों की चार्जशीट में बनाए गए गवाहों की सूची एसएसपी को भेजी गई है। उनसे गवाहों को कोर्ट में उपस्थित कराने का अनुरोध किया है।

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