Smart City: In the absence of abd's abatement, stopping plan to get rid of jam - स्मार्ट सिटी: एबीडी की मापी अधर में, जाम से निजात की योजना अटकी DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

स्मार्ट सिटी: एबीडी की मापी अधर में, जाम से निजात की योजना अटकी

स्मार्ट सिटी: एबीडी की मापी अधर में, जाम से निजात की योजना अटकी

स्मार्ट सिटी के लिए सबसे पहले शहर को जाम के जंजाल से मुक्त कराने की योजना पर अमल होना है। नगर निगम सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए शीघ्र ही नगर विकास एवं आवास विभाग को प्रस्ताव भेजा जाना है। पूर्व में केंद्र सरकार को स्मार्ट सिटी के लिए भेजे गए डीपीआर में भी इसको प्रमुखता दी गई थी। साथ ही रेट्रोफिटिंग के माध्यम से पुराने शहर को नए शहर का लुक देने का फैसला लिया गया था। इसके लिए सबसे पहले स्मार्ट सिटी के लिए प्रस्तावित 990 एकड़ की एबीडी (एरिया बेस डेवलपमेंट) जमीन की मापी होनी थी जो अबतक नहीं हो सकी है।

बीते साल जून में स्मार्ट सिटी का परिणाम आने के बाद तत्कालीन प्रमंडलीय आयुक्त अतुल प्रसाद के निर्देश पर तत्कालीन नगर आयुक्त रमेश प्रसाद रंजन ने एबीडी जमीन की मापी के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई थी। इसमें एक अभियंता, निगम के प्रारूपक, अमीन और दो सहायकों को मापी की जिम्मेवारी सौंपी गई थी। इस टीम को एबीडी में कितनी सरकारी जमीन व कितनी निजी जमीन है, इसकी मापी कर रिपोर्ट सौंपनी थी।

इसी रिपोर्ट के आधार पर शहर को जाम से मुक्त कराने के लिए सबसे भीड़-भाड़ वाले इलाके सूतापट्टी, इस्लामपुर व छोटी सरैयागंज को वॉकिंग जोन बनाया जाना है। वहीं, कम्पनीबाग, जवाहर लाल रोड, तिलक मैदान, सरैयागंज, गोला रोड, गरीब स्थान रोड, मोतीझील, कल्याणी व स्टेशन रोड की चौड़ाई कम से कम 30 से 40 फीट बढ़ाई जानी है। साथ ही आवागमन में बाधक बन रहे तमाम अवरोधों को हटाना है। इसमें टेलीफोन व बिजली के खंभे, यूनिपोल, होर्डिंग व अन्य अवरोध को हटाना है। छोटी कल्याणी से लेकर जूरनछपरा तक सड़क की चौड़ाई का पता लगाया जाना है।

शहर की मुख्य सड़कों के साथ बीच-बीच में दो प्रमुख सड़कों को जोड़ने वाले रास्ते व गलियों की भी यथासंभव चौड़ाई बढ़ाई जानी है। इसके लिए इस रोड से भी अतिक्रमण व अवरोध का पहले खाली करना है। फिर भी इस दिशा में अबतक निगम की पहल का इंतजार है। इसमें पंकज मार्केट रोड, नॉर्थ बिहार चेम्बर ऑफ कॉमर्स गली, डॉ. आरएस अग्रवाल गली, बैंक रोड, बीबी कॉलेजिएट लेन, बम पुलिस गली, सदर अस्पताल रोड, करबला रोड व जूरनछपरा की गलियां शामिल हैं।

एबीडी की मापी के लिए गठित टीम को तत्काल काम शुरू करने का निर्देश दिया जाएगा। इससे सरकारी व निजी जमीन का पूरा ब्योरा प्राप्त होगा। एबीडी के लिए कितनी और निजी जमीन की जरूरत होगी कि यह पता चल सकेगा। साथ ही इसी आधार पर प्रपोजल तैयार होगा।

-संजय दूबे, नगर आयुक्त

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Smart City: In the absence of abd's abatement, stopping plan to get rid of jam