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लक्ष्य का 10 फीसदी भी धान की खरीदी नहीं

लक्ष्य का 10 फीसदी भी धान की खरीदी नहीं

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर में धान की सरकारी खरीद धीमी है। अधिकारियों की सख्ती के बावजूद, केवल 10% लक्ष्य ही पूरा हो पाया है। किसान लालफीताशाही को जिम्मेदार मानते हैं। 1.45 लाख एमटी धान खरीदने का लक्ष्य है, लेकिन अब तक केवल 6.33% खरीद हुई है। चुनाव और बेमौसम बारिश ने भी प्रक्रिया को प्रभावित किया है।

Dec 13, 2025 05:36 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। अधिकारियों की तमाम सख्ती के बावजूद जिले में धान की सरकारी खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। इसके लिए किसान धान खरीद में लगाए गए पैक्स में व्याप्त लालफीताशाही को जिम्मेवार बता रहे हैं। हालत यह है कि डीएम सुब्रत कुमार सेन की लगातार मॉनिटरिंग और सख्त निर्देश के बावजूद अब तक लक्ष्य का 10 फीसदी भी खरीदारी नहीं हो सकी है। शुक्रवार तक 1218 किसानों से महज 9170.685 एमटी धान खरीदा जा सका है। विभाग के अनुसार इस साल 294 पैक्सों और नौ व्यापार मंडलों को धान की सरकारी खरीद की अनुमति मिली है। इनको निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 1.45 लाख एमटी धान खरीदना है।

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इसके लिए एक नवंबर से ही खरीदारी का निर्देश सभी केंद्रों और एजेंसियों को दिया जा चुका है। लेकिन, विभाग से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों को देखें तो अभी तक केवल 6.33 प्रतिशत ही धान की खरीदारी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हो सकी है। खरीद में सबसे फिसड्डी तीन प्रखंडों में मुरौल, साहेबगंज और बंदरा शामिल हैं। वहीं, सबसे अधिक खरीदारी मीनापुर, सरैया और कुढ़नी प्रखंडों में की गई है। मुरौल में चार पैक्सों ने केवल 134.175 एमटी तो बंदरा में 12 पैक्स द्वारा 195.431 एमटी ही धान खरीदा है। वहीं मीनापुर में 23 पैक्सों द्वारा कुल 1201.508 एमटी तो सरैया में 25 पैक्सों ने मिलकर 1150.890 एमटी धान की खरीदारी की है। डीएसओ प्रशांत कुमार ने बताया कि शुरू में धान की खरीदारी धीमी रहने का कारण चुनाव और बेमौसम बारिश रही। बेमौसम बारिश से धान में नमी की मात्रा अधिक थी। इससे कटाई में देरी हुई। और खरीद केंद्रों तक देर से धान आना शुरू हुआ। समय तक लक्ष्य पाने का प्रयास किया जा रहा है।