सदर एमसीएच का निरीक्षण, मिली कई कमियां
डॉक्टर मेंटरिंग प्रोग्राम के तहत एसकेएमसीएच की टीम ने सदर अस्पताल के मातृ शिशु अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई कमियां पाई गईं, जैसे कि इंक्यूबेटर के लिए अलग कमरा और ओटी का सुधार। एएनएम स्कूल की छात्राओं ने बुजुर्गों की देखभाल के महत्व पर भी जागरूकता बढ़ाई।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। डॉक्टर मेंटरिंग प्रोग्राम के तहत एसकेएमसीएच के डॉक्टरों की टीम ने बुधवार को सदर अस्पताल के एमसीएच (मातृ शिशु अस्पताल) का निरीक्षण किया। टीम ने रेफरल फॉर्म, केस शीट, सी-सेक्शन ऑडिट, प्रिस्क्रिप्शन रिकॉर्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच भी की। इसमें ओटी में कई कमियां मिलीं। टीम ने कहा कि बच्चे को इंक्यूबेटर हॉल में नहीं रखा जाए, उसके लिए एक कमरा हो। स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकॉल के अनुसार ओटी को तीन जोन में बांटा जाए। स्क्रब क्षेत्र का नल खराब मिला, जिसे ठीक कराने को कहा गया। इसके अलावा मरीजों की केस हिस्ट्री लिखी जाए। सेंट्रल ऑक्सीजन पाइपलाइन ठीक किया जाए।
इस मौके पर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ प्रेरणा, डॉ सुषमा आलोक, अधीक्षक डॉ बाबू साहब झा भी मौजूद रहे। मेंटरिंग विजिट में एसकेएमसीएच से डॉ. बिनोय शंकर, डॉ. राकेश रंजन कुमार, डॉ. बिपिन कुमार, डॉ. शालिनी कुमारी, डॉ. स्नेहल कुमारी और डॉ. अनंत प्रकाश शामिल रहे। अधीक्षक ने आश्वस्त किया कि अगले तीन महीनों में सुझाए गए बिंदुओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। बुजुर्गों की देखभाल को किया जागरूक: उधर, सदर अस्पताल के एएनएम स्कूल की छात्राओं ने ओपीडी में आने वाले मरीजों को बुजुर्गों की देखभाल के बारे में बताया। एएनएम स्कूल की छात्रा कोमल और कविता ने ओपीडी में आए मरीजों को कहा कि उनके घर में जो भी बुजुर्ग हैं, उनकी देखभाल करें। बुजुर्ग कई बार चिड़चिड़े हो जाते हैं, लेकिन इससे परेशान नहीं हों। कहा कि आप आज अपने बुजुर्गों की सेवा करेंगे तो आपके बच्चे भी इससे सीखेंगे।

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