स्नातक कर चुकी बेटियों की इंटर प्रोत्साहन राशि देने के लिए तलाश

स्नातक कर चुकी बेटियों की इंटर प्रोत्साहन राशि देने के लिए तलाश

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर में स्नातक कर चुकी बेटियों को इंटर प्रोत्साहन राशि देने के लिए उनकी तलाश की जा रही है। 2022 में इंटर करने वाली 167 बेटियों ने राशि नहीं ली। 2023 और 2024 में भी हजारों बेटियां प्रोत्साहन...

Sep 04, 2025 05:24 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
share

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। जो बेटियां स्नातक कर चुकी हैं, इंटर प्रोत्साहन की राशि देने के लिए उनकी तलाश हो रही है। सूबे की 17 हजार से अधिक बेटियों को इंटर प्रोत्साहन राशि लेने का एक और मौका मिला है। साल 2022 में इंटर करनेवाली सूबे की साढ़े छह हजार बेटियों को प्रोत्साहन राशि नहीं मिली। ये बेटियां अब स्नातक भी कर चुकी हैं। इसी तरह साल 2023 और 2024 में भी पांच से सात हजार बेटियां प्रोत्साहन राशि से वंचित हैं। इन बेटियों की सूची जारी करते हुए विभाग ने निर्देश दिया है कि इन सभी के लिए पोर्टल फिर खोला गया है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

जिनका रजिस्ट्रेशन पेडिंग हैं, वह पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करेंगी। जो इसबार रजिस्ट्रेशन नहीं करती हैं तो यह माना जाएगा कि उन्हें इस राशि की जरूरत नहीं है। इंटर उत्तीर्ण सभी अविवाहित बेटियों को विभाग की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके लिए बेटियों का इंटर के समय अविवाहित होना और उसके बाद स्नातक में नामांकन की पात्रता देखी जाती है। साल 2022 में इंटर करनेवाली मुजफ्फरपुर की 167 बेटियों ने नहीं ली राशि जिले में साल 2022 में इंटर उत्तीर्ण करनेवाली 167 बेटियों ने प्रोत्साहन राशि नहीं ली। इन बेटियों ने 2023 में राशि लेने को रजिस्ट्रेशन भी कराया था। इनमें से कई छात्राएं ऐसी थीं जिनके कागजात में त्रुटि रहने के कारण उन्हें पिछले साल मौका दिया गया था। विभाग की ओर से यूजर आईडी और पासवर्ड भी इन्हें दिया जा चुका है मगर अबतक इन छात्राओं ने अपना डाटा फाइनल नहीं किया है। ई-कल्याण पोर्टल के माध्यम से इन्हें 15 सितम्बर तक का समय दिया गया है। वर्ष 2023 में सूबे में 5642 तो जिले में 260 बेटियों की तलाश साल 2023 में इंटर करनेवाली सूबे की 5642 तो जिले की 260 बेटियों की विभाग को तलाश है ताकि उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जा सके। इनमें प्लस टू स्कूल के साथ ही अधिकांश इंटर कॉलेज की छात्राएं हैं।