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दो तत्कालीन सहायक निदेशकों पर शिकंजा

दो तत्कालीन सहायक निदेशकों पर शिकंजा

बालिका गृह कांड में निलंबित मुजफ्फरपुर व मोतिहारी के तत्कालीन सहायक निदेशकों पर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुजफ्फरपुर बाल संरक्षण इकाई की तत्कालीन सहायक निदेशक रोजी रानी व मोतिहारी बाल संरक्षण इकाई के तत्कालीन सहायक निदेशक राजकुमार को स्पष्टीकरण के साथ 10 अगस्त को पटना तलब किया गया है। तत्काल निलंबन की अवस्था में दोनों अधिकारियों का मुख्यालय तिरहुत प्रमंडलीय कार्यालय बनाया गया है।

समाज कल्याण विभाग ने टिस की कोशिश टीम की रिपोर्ट पर कार्रवाई तेज कर दी है। कार्रवाई के क्रम में निलंबित किये गए तत्कालीन सहायक निदेशक रोजी रानी व राजकुमार पर प्रपत्र क गठित कर दिया गया है। इन दोनों पर विभागीय कार्रवाई के लिए संचालन पदाधिकारी अपर सचिव सुजाता चलाना को प्रतिनियुक्त किया गया है। अपर सचिव ने आरोप पत्र देते हुए स्पष्टीकरण की मांग की है। दोनों अधिकारियों को यह स्पष्टीकरण 10 अगस्त को स्वयं उपस्थित होकर देना है। अपर सचिव ने कहा है कि यदि वे 10 अगस्त को अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो समझा जाएगा कि उन्हें इन आरोपों के संबंध में कुछ नहीं कहना है।

गड़बड़ियों का पता क्यों न चला, दें जवाब

इन दोनों अधिकारियों पर गृह के संचालन में अनियमितता बरतने का आरोप है। समाज कल्याण विभाग ने टिस (टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस) की ‘कोशिश टीम की रिपोर्ट व उसके आधार पर थाने में दर्ज एफआईआर का भी जिक्र किया है। कहा गया है कि बतौर अधिकारी वे इन अनियमितताओं को रोकने में असफल रहे हैं। इससे उनकी घोर लापरवाही झलकती है। इन अधिकारियों को गृह संचालन के दौरान उठाये गए सुधारात्मक कदमों की जानकारी देने को भी कहा गया है। साथ ही पूछा गया है कि अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने गृह के आवासिनों से क्या बातें की और उन्हें वहां की अनियमितता के संबंध में क्यों पता नहीं चला।

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  • Web Title:Screws inTwo erstwhile assistant directors