लीची अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने मोतीपुर के बागानों का लिया जायजा
मुजफ्फरपुर के फूलवरिया में राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने लीची बागानों का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों को तकनीकी सुझाव दिए और तना छेदक कीट एवं स्टिंक बग के प्रकोप पर प्रबंधन की सलाह दी। व्यापारी श्याम ने बायोडिग्रेडेबल फिल्म के उपयोग से लीची की शेल्फ लाइफ बढ़ाने की जानकारी साझा की।

मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। मोतीपुर प्रखंड के फूलवरिया में गुरुवार को राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुशहरी के वैज्ञानिकों ने लीची बागानों का जायजा लिया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शमसेर सिंह एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रभात कुमार ने किसानों को तकनीकी सुझाव दिए। लीची व्यापारी मो. इस्लाम ने तना छेदक कीट एवं स्टिंक बग के प्रकोप से वैज्ञानिकों को अवगत कराया। इस पर वैज्ञानिकों ने समय पर प्रबंधन करने की सलाह दी। वहीं, मीनापुर के व्यापारी श्याम ने बायोडिग्रेडेबल फिल्म के उपयोग के सकारात्मक परिणाम को साझा किया। उन्होंने बताया कि तुड़ाई के बाद लीची को इस विशेष फिल्म में पैक कर भेजने से इसकी शेल्फ लाइफ लगभग 2 से 3 दिनों तक बढ़ गई है।
इसके बाद वैज्ञानिकों की टीम ने बिरहिमा निवासी किसान अनिल सिंह एवं सुनील सिंह के लीची बागान का भ्रमण किया। कार्यक्रम में परियोजना सहायक श्याम पंडित सहित किसान साहिल कुमार, हरिओम, संजय कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।
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Sanjay Kumar Singhलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


