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स्कूली बच्चों का आईजीआईएमएस में इलाज

स्कूली बच्चों का आईजीआईएमएस में इलाज

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) में चिह्नित गंभीर बच्चों का इलाज आईजीआईएमएस पटना व एसकेएमसीएच में होगा। प्लास्टिक सर्जरी के साथ अन्य बीमारियों के लिए इन दोनों अस्पतालों में अलग से व्यवस्था की गई है।

एसकेएमसीएच में सुपर स्पेशलिटी अभी निर्माणाधीन है। इसके चालू होते ही प्लास्टिक सर्जरी के लिए बच्चों को एसकेएमसीएच में रेफर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों के साढ़े 11 हजार बीमार स्कूली बच्चों को लाभ मिलेगा। क्लब फुट व कटे ओठ समेत अन्य बीमारियों का इलाज मुफ्त में आईजीआईएमएस पटना में होगा। वहां आने-जाने के लिए सरकार खर्च करेगी।

इस बारे में प्रभारी एसीएमओ डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बुधवार को सभी पीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिया है। चिह्नित बीमार बच्चों को रेफर करने में मदद करने के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि बीमार स्कूली बच्चों को आईजीआईएमएस व एसकेएमसीएच में रेफर करने का रास्ता साफ हो गया है। इससे काफी मदद मिलेगी। आईजीआईएमएस में बहुत अच्छी प्लास्टिक सर्जरी हो रही है। जरूरतमंदों को इसका लाभ मिलेगा। हड्डी, चर्म रोग व दंत रोग से ग्रसित मरीजों का एसकेएमसीएच में सफलतापूर्वक इलाज होगा।

एसकेएमसीएच में सुपर स्पेशलिटी बनते ही तालू ओठ कटे, क्लब फुट से पीड़ित बच्चे का इलाज होगा। जरूरत पड़ने पर एसकेएमसीएच में ही प्लास्टिक सर्जरी हो जाएगी। यह अच्छी सुविधा होगी। आईजीआईएमएस में हर तरह की बीमारियों के एक्सपर्ट डॉक्टर हैं। इसलिए सरकार ने इसे आरबीएसके का सेंटर बनाकर बच्चों का इलाज करने के लिए हरी झंडी दी है। इससे स्कूली बच्चों को काफी सहूलियत होगी। खाश कर जो गरीब है।

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  • Web Title:School children treated in IGIMS