Muzaffarpur News: मधुबनी के घूसखोर राजस्वकर्मी को चार साल की सजा
Muzaffarpur News: मधुबनी जिले के रहिका अंचल के राजस्व कर्मचारी नारायणजी झा को भूमि की जमाबंदी रद्द कराने के लिए 5000 रुपये की घूस लेने के मामले में चार वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई। विशेष कोर्ट ने उन्हें दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मामला 2014 में शुरू हुआ था जब एक व्यक्ति ने शिकायत की थी।

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, हिप्र। भूमि की जमाबंदी रद्द कराने के लिए पांच हजार रुपये घूस लेने में दोषी मधुबनी जिले के रहिका अंचल के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी नारायणजी झा (46) को गुरुवार को चार वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई है। उसे दस हजार रुपये जुर्माना भी देना होगा। सेशन-ट्रायल के बाद विशेष कोर्ट निगरानी के न्यायाधीश दशरथ मिश्र ने 21 अगस्त को उसे दोषी करार दिया था। मामले में विशेष लोक अभियोजक (निगरानी) कृष्णदेव साह ने कोर्ट में नौ गवाहों को पेश किया।मधुबनी के सूड़ी हाईस्कूल के निकट रहने वाले सुजीत कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में 16 मई 2014 को शिकायत की थी।
इसमें कहा था कि उसने जमाबंदी रद्द कराने को लेकर अपर समाहर्ता के पास परिवाद दायर किया था। अपर समाहर्ता ने इसकी रिपोर्ट रहिका के सीओ से मांगी थी। सीओ रिपोर्ट नहीं दे रहे थे। इसको लेकर वह सीओ से मिलने उनके कार्यालय में गए। वहां रहिका अंचल के हलका नंबर-तीन के राजस्व कर्मचारी नारायणजी मिले। उन्होंने कार्यालय में बातचीत के लिए बुलाया। वहां उन्होंने रिपोर्ट सौंपने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की। शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी ने राजस्व कर्मचारी को घूस लेते दबोचने के लिए धावा दल का गठन किया। 19 मई 2014 को सुजीत राजस्व कर्मचारी को रुपये देने उसके मधुबनी शहर के लहेरियागंज स्थित आवास पर पहुंचा। उसे घूस की राशि दी। जैसे ही राजस्व कर्मचारी ने रुपये लेकर शर्ट की जेब में रखा, निगरानी की टीम ने उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से इसके अलावा 32 हजार रुपये भी मिले थे।


