शोधार्थी ने महापरिनिर्वाण स्थल का लिया जायजा
वीरपुर में महाप्रजापति गौतमी के महापरिनिर्वाण स्थल पर नव नालंदा महाविहार के शोधार्थी पहुंचे। उप कुलपति डॉ. सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में बौद्ध अनुयायियों ने शूत्र पाठ किया। शोधकर्ताओं ने एक प्राचीन...

सरैया, हिन्दुस्तान संवाददाता। वीरपुर स्थित भगवान बुद्ध की प्रतिपालक माता व प्रथम बौद्ध भिक्षुणी महाप्रजापति गौतमी के महापरिनिर्वाण स्थल पर गुरुवार को नव नालंदा महाविहार डीम्ड यूनिवर्सिटी के शोधार्थी पहुंचे। उप कुलपति डॉ. सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में पहुंचे शोधार्थी तथा वियतनाम के बौद्ध अनुयायियों ने शूत्र पाठ किया। शोधकर्ताओं ने बताया कि आज महाप्रजापति गौतमी का महापरिनिर्वाण दिवस है। चीनी यात्री व दार्शनिक ह्वेनत्सांग व फाहियान द्वारा लिखित यात्रा वृतांत में उल्लेखित तथ्यों के आधार पर शोधकर्ताओं ने वीरपुर स्थित चौर में स्थित एक प्राचीन टीला को महाप्रजापति गौतमी के महापरिनिर्वाण स्थल के रूप में चिन्हित किया। वीरपुर चौर के उसी टीला पर एक बरगद का पेड़ है, जहां गांव के लोग भी पूर्व से पूजा करते आ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से उक्त स्थल को महाप्रजापति गौतमी का महापरिनिर्वाण स्थल के रूप में चिन्हित होने के बाद से बड़ी संख्या में विदेशी बौद्ध अनुयायियों का जत्था पहुंच कर पूजा-पाठ करते हैं। टीला तक जाने के लिए संपर्क पथ नहीं है। खेत से होकर पहुंचते हैं। यूनिवर्सिटी के उप कुलपति ने कहा कि इस स्थल को जागृत कर पुनः दुनिया के मानचित्र पर स्थापित किये जाने की आवश्यकता है।


