दिल्ली की संस्था को पता चल गया, स्थानीय पुलिस को भनक नहीं

Jan 11, 2026 05:47 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर के रेड लाइट एरिया में नाबालिग बच्चियों के शोषण की सूचना पर दिल्ली की रेस्क्यू फाउंडेशन की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान छह नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया गया और दो संचालिकाओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि स्थानीय पुलिस के पास इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी।

दिल्ली की संस्था को पता चल गया, स्थानीय पुलिस को भनक नहीं

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। शहर के रेड लाइट एरिया में दो-दो जगहों पर नाबालिग बच्चियों से गलत काम करवाने की भनक स्थानीय पुलिस को नहीं लगी। दिल्ली में रेस्क्यू फाउंडेशन के जांच अधिकारी को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद दिल्ली से मुजफ्फरपुर पहुंचकर फाउंडेशन के जांच अधिकारी ने पहले खुद सत्यापन किया। इसके बाद नगर थाने की पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की। इसमें दो संचालिका समेत छह नाबालिग बच्चियां मिलीं। पूरी कार्रवाई से रेड लाइट एरिया में कमजोर नेटवर्क को लेकर नगर थाने की पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। जबकि, ऐसी ही गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इलाके में कन्हौली नाका कार्यरत है।

कन्हौली नाका में तीन-तीन पुलिसकर्मियों को इसपर नजर रखने की ड्यूटी लगाई गई है। नई दिल्ली के रोहिनी इलाके के पहलवान मार्ग निवासी संजय प्रसाद गुप्ता ने एफआईआर में कहा है कि वह रेस्क्यू फाउंडेशन में जांच अधिकारी हैं। गोपनीय सूचना मिल रही थी कि 5-6 नाबालिगों को बंधक बनाकर शुक्ला रोड, चतुर्भुज स्थान में गलत काम कराया जा रहा है। इसकी जानकारी दिल्ली में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के वरीय अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद बीते आठ जनवरी को मुजफ्फरपुर में कार्रवाई के लिए टीम बनी। इसमें सीनियर प्रोग्राम मैनेजर मुंबई के कांदिवली वेस्ट निवासी साइनी पाड़ियारा, फाउंडेशन के प्रतिनिधि नई दिल्ली के कंझावला थाने के पहलवान मार्ग निवासी अक्षय पांडेय व मुंबई के सुजय देशन शामिल किए गए। नई दिल्ली की टीम मुजफ्फरपुर पहुंची और यहां से महिला एसआई नेहा कुमारी, दिलीप कुमार सिंह और अन्य पुलिस कर्मियों को साथ लेकर छापेमारी की गई। सर्व प्रथम मैना गली में सबाना खातून उर्फ सुनीता के घर से टीम ने तीन नाबालिगों को मुक्त कराया। तीनों की उम्र 16, 17 और 13 वर्ष है। तीनों ने खुद शहर का बताया। कमरे की तलाशी में आपत्तिजनक सामान मिले। किशोरियों ने बताया कि सबाना खातून व बानो खातून उनसे गलत काम करा रही थीं। पैसा सबाना खुद रख लेती थी। टीम ने सबाना व बानो को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद शुक्ला रोड में कुमारी पल्लवी के घर छापेमारी में 17-17 वर्ष की तीन किशोरियां मिलीं। पूछने पर तीनों कहा कि पल्लवी उनसे जबरन गलत काम कराती थी। छापेमारी से पूर्व ही पल्लवी फरार हो गई थी। मधुबनी की किशोरी ने कहा, बुआ के घर आई थी : पूछताछ में मधुबनी की किशोरी ने कहा कि वह अपने बुआ के घर आई थी। उसने गलत काम की बात से इंकार किया। मधुनबी से उसके पिता को भी नगर थाने पर बुलाया गया। उन्होंने भी पुत्री को अपने बुआ के यहां आने की बात बताई। तब उसे परिजनों को सौंपा गया। ग्राहकों से रुपये लेने को रखा था एटीएम स्कैनर : पुलिस टीम ने शुक्ला रोड में कुमारी पल्लवी के घर से एटीएम स्कैनर जब्त किया है। इस संबंध में किशोरियों ने पुलिस को बताया है कि कैश नहीं रहने पर ग्राहकों से एटीएम कार्ड से स्कैनर के जरिए रुपये लिए जाते थे। इस स्कैनर का इस्तेमाल पल्लवी करती थी। कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजी गईं दोनों संचालिका : नगर थानेदार कमलेश कुमार ने बताया कि दिल्ली के रेस्क्यू फाउंडेशन के कार्यकर्ता संजय प्रसाद गुप्ता के आवेदन के आधार पर अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। गिरफ्तार सबाना खातून उर्फ सुनीता और बानो खातून को कोर्ट में पेशी के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। वहीं मुक्त कराई गई किशोरियों का कोर्ट में बयान दर्ज कराया जाएगा। सभी छह किशोरियों को सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेशी के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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