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28 नवंबर, 2020|8:02|IST

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पूर्वांचल एक्सप्रेस हादसे में 27 और के बयान रिकार्ड

पूर्वांचल एक्सप्रेस हादसे में 27 और के बयान रिकार्ड

पूर्वांचल एक्सप्रेस के बेपटरी होने मामले में गुरुवार को पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों की टीम जांच करने मुजफ्फरपुर पहुंची। यहां टीम ने कोचिंग डिपो में रखे क्षतिग्रस्त कोच व टूटे वाटर टैंक को देखा। इसको लेकर संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की। इसके बाद टीम ने घटना स्थल सिलौत स्टेशन का निरीक्षण किया। दोपहर बाद टीम कंपनीबाग स्थित रेलवे प्रशिक्षण केंद्र पहुंची। यहां गोरखपुर व मुजफ्फरपुर के स्थानीय अधिकारी, स्टेशन मास्टर, गार्ड, लाइनमैन, ट्रैकमैन, गेटमैन समेत 27 और लोगों का बयान रिकार्ड किया। टीम की अगुवाई पीसीएसओ एसके प्रसाद कर रहे थे।

जांच टीम में शामिल सोनपुर मंडल के एडीआरएम पंकज कुमार सिन्हा ने बताया कि मामले में गोरखपुर और मुजफ्फरपुर कोचिंग डिपो की भूमिका की जांच की जा रही है। हादसे में दोनों मंडल के कैरेज एंड वैगन विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। टीम जांच कर रही है कि लॉकडाउन में सात माह तक कोच के खड़े रहने के बाद जब परिचालन शुरू हुआ तो उसका मेंनटेंनेस ठीक से किया गया था या नहीं। गोरखपुर कोचिंग डिपो ने किस आधार पर ट्रेन को फिट घोषित कर रवाना किया। मुजफ्फरपुर जंक्शन से ट्रेन गुजरी तो जांच हुई या नहीं। बताया कि टीम ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ 27 और लोगों का बयान भी दर्ज किया।

मामले में अबतक 73 लोगों का बयान दर्ज :

मामले में हाजीपुर मुख्यालय स्तर पर गठित टीम ने नौ दिनों में सोनपुर और गोरखपुर रेल मंडल के 73 रेलकर्मियों से पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया है। टीम ने 21 अक्टूबर को हाजीपुर में 10, 27 को सोनपुर में 36 व बुधवार को 27 रेल कर्मचारियों से मामले में पूछताछ की।

20 अक्टूबर को पूर्वांचल एक्सप्रेस हुआ था बेपटरी :

लॉकडाउन के बाद 20 अक्टूबर पूर्वांचल एक्सप्रेस पहली बार गोरखपुर से कोलकाता के लिए रवाना हुई। मुजफ्फरपुर से 13 किमी की दूरी पर सिलौत स्टेशन के पास ट्रेन के दो कोच एसी ए-2 व एस-5 पटरी से उतर गए। ट्रेन धीमी होने से यात्री हताहत नहीं हुए। एडीआरएम ने बताया कि अब तक हुई जांच में सामने आया है कि वाटर टैंक के टूट कर पटरी पर गिरने से एसी कोच का पहिया पटरी से उतर गया, इससे दुर्घटना हुई।

दर्जन भर स्टेशन से गुजरने के बाद हुआ हादसा :

पूर्व मध्य रेलवे के रिटायर सीडीओ चंद्रमोहन विश्वकर्मा ने बताया कि लापरवाही के बिना हादसा हो ही नहीं सकता है। गोरखपुर से ट्रेन को फिट किस स्थिति में घोषित किया गया, इसकी जांच जरूरी है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर से सिलौत के बीच ट्रेन दर्जन भर स्टेशनों से गुजरी होगी। वाटर टैंक इतनी आसानी ने नहीं गिर सकते है। लाइनमैन ने भी गंभीरता से इसकी जांच नहीं की होगी।

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  • Web Title:Records of 27 more records in Purvanchal Express accident