साहेबगंज : पांचवीं बार राजू सिंह पर साहेबगंज के लोगों ने जताया भरोसा
मुजफ्फरपुर में निवर्तमान पर्यटन मंत्री राजू कुमार सिंह ने साहेबगंज सीट पर पांचवीं बार जीत हासिल की है। उन्होंने राजद के पृथ्वीनाथ राय को 13,522 वोट से हराया। हालांकि, इस बार जीत का अंतर पिछले चुनाव की तुलना में कम था। चुनाव में विभिन्न जातियों का समर्थन उनके पक्ष में रहा।

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। निवर्तमान पर्यटन मंत्री राजू कुमार सिंह पर साहेबगंज की जनता ने पांचवीं बार भरोसा जताया है। हालांकि, पिछले चुनाव की अपेक्षा इस बार जीत का अंतर कम हुआ है। उन्होंने 13,522 वोट से प्रतिद्वंद्वी राजद के पृथ्वीनाथ राय को शिख्सत दी है। इससे पहले 2020 में राजू कुमार सिंह ने पृथ्वीनाथ राय के रिश्तेदार रामविचार राय को 15,333 मत से हराया था। पृथ्वीनाथ राय राजद सरकार में मंत्री रहे हैं। वे रामविचार राय के रिश्तेदार हैं। साथ ही साहेबगंज से राजद के सक्रिय कार्यकर्ता भी हैं। वहीं राजू सिंह सबसे पहले फरवरी, 2005 में लोजपा के टिकट पर साहेबगंज से विधायक बने थे।
उस वक्त भी राम विचार राय को 12,600 वोट से हराया था। इसी साल अक्टूबर-नवंबर में दोबारा हुए चुनाव में जदयू के टिकट पर मैदान में उतरे, लेकिन जीत का अंतर कम हो गया। वे सिर्फ 5268 मत से जीते थे। इसके बाद फिर 2010 में जदयू और 2020 में वीआईपी के टिकट पर सीट पर कब्जा जमाये रखा। हालांकि, राजनीतिक उलटफेर में राजू सिंह ने 2020 में वीआईपी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गये थे। 2015 के चुनाव में रामविचार राय से 10,946 वोट के अंतर से हारे थे। इस बार राजू सिंह छठी बार साहेबगंज सीट से मैदान में थे। 13,522 के जीत के अंतर से साफ है कि साहेबगंज में राजपूत, यादव, मुस्लिम और भूमिहार मतदाताओं की संख्या अधिक है। इनका वोट सीधे तौर पर दोनों प्रमुख प्रत्याशी को मिले हैं। इनके अलावा, वैश्य, निषाद और अन्य पिछड़ी जातियों के वोट भी निर्णायक भूमिका निभाया है। तीसरे नंबर पर रहे जन सुराज के ठाकुर हरिकिशोर सिंह को अपने सामज का भी वोट नहीं मिला सका। उनको मात्र 4197 वोट मिले। राजू कुमार सिंह की जीत के कारण : - सभी जातियों का एडीए के पक्ष में वोट करना - फतेहाबाद-निशा छपरा में पुल की स्वीकृति - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपील का भी पड़ा प्रभाव - समान्य कोटि की महिलाओं का घर बाहर आकर वोट करना पृथ्वीनाथ राय की हार का कारण : - महागठबंधन की ओर से स्टार प्रचार का नहीं जाना। - निवर्तमान विधायक के खिलाफ पहली बार चुनाव लड़ना। - पूर्व मंत्री रामविचार राय के परिवार से संबंध होने की वजह। - यादव-मुस्लिम-राजपूतों के वोट में बिखराब भी कारण। ::बयान:: जनता की सेवा करता हूं और हमेशा करता रहूंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व को पूरे बिहार ने स्वीकारा है। बिहार में पूर्ण बहुमत से एनडीए की सरकार बनेगी। - राजू कुमार सिंह, भाजपा (विजेता) ------------ पहली बार चुनाव में उतरने के बाद इतना प्यार मिला। साहेबगंज के जनता को धन्यवाद। राजद और महागठबंधन के सभी कार्यकर्ता और समर्थकों ने मेरा काम आसान किया। उन्हें भी धन्यवाद। हार का समीक्षा कर आगे की रणनीति तय करूंगा। - पृथ्वीनाथ राय, राजद 20 में राजू तो नौ राउंड में पृथ्वीनाथ रहे आगे कुल 29 राउंड की मतगणना में 20 में राजू तो नौ राउंड में पृथ्वीनाथ राय आगे रहे। पहले दो राउंड में राजू ने बढ़ बनाई, जबकि तीसरे में पृथ्वीनाथ आगे को अधिक मत मिले। चौथे से छठे राउंड तक राजू को अधिक मत मिले। फिर सातवें से नौवें राउंड की गिनती में राजद के पृथ्वीनाथ राय को अधिक वोट मिले। 10, 14, 15, 17 से 21 तक भाजपा प्रत्याशी राजू सिंह को अधिक मत मिले। 22वें राउंड में फिर पृथ्वीनाथ को अधिक मत मिले। 24 से लेकर 29 तक राजू को अधिक वोट मिले। 11 से 13 और 22वें राउंड में पृथ्वी को अधिक वोट मिले।


