डिजिटल हुई रेलवे की पास प्रक्रिया, कागजी पास बंद

हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। रेलवे ने पास की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। रेलवे बोर्ड ने आदेश जारी कर मैनुअल यानी कागजी पास बंद कर दिया है। अब सेवारत, रिटायर्ड और दिव्यांग रेल कर्मचारियों को भी पास सिर्फ ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) पोर्टल से ही मिलेगा।

डिजिटल हुई रेलवे की पास प्रक्रिया, कागजी पास बंद

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। रेलवे ने पास की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। रेलवे बोर्ड ने आदेश जारी कर मैनुअल यानी कागजी पास बंद कर दिया है। अब सेवारत, रिटायर्ड और दिव्यांग रेल कर्मचारियों को भी पास सिर्फ ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) पोर्टल से ही मिलेगा।

नई व्यवस्था से रुकेगा पास में फर्जीवाड़ा :

रेलवे बोर्ड के आदेश के बाद अब दिव्यांग, सेवारत और रिटायर्ड कर्मचारियों को मैनुअल पास नहीं मिलेगा। साल में दो बार भ्रमण के लिए मिलने वाला पास अब सिर्फ एचआरएमएस पोर्टल से निर्गत होगा। पास बनाने के लिए एचआरएमएस का एप रेलकर्मी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ही काम करेगा। दूसरे मोबाइल या व्यक्ति इसका उपयोग नहीं कर पाएंगे, जिससे फर्जीवाड़ा रुकेगा।

परिचित, रिश्तेदार भी करते थे यात्रा :

एक अधिकारी का कहना है कि यात्रा के दौरान जांच में पाया जाता था कि खासकर रिटायर रेलकर्मियों के पास पर उनका कोई रिश्तेदार या परिचित यात्रा कर रहा है। ऐसे में कई बार नोकझोंक की नौबत आ जाती है।

सामान्य प्रश्न

क्या रेलवे ने किस कारण एचआरएमएस पोर्टल से ही पास मिलने की नई व्यवस्था लागू की है?
हां, रेलवे ने फर्जीवाड़ा रोकने और पास की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए एचआरएमएस पोर्टल से ही पास मिलने की नई व्यवस्था लागू की है।
Somnath Satyom

लेखक के बारे में

Somnath Satyom

शॉर्ट बायो: सोमनाथ सत्योम पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में रेलवे, मिलिट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव
सोमनाथ सत्योम पत्रकारिता जगह के एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ में बतौर सीनियर कॉटेंट क्रिएटर कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने पत्रकारिता के कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।


करियर का सफर
सोमनाथ ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में राष्ट्रीय सहारा और फिर प्रभात खबर जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2015 में ‘हिन्दुस्तान’ के साथ कैरियर को आगे बढ़ाया। वर्ष 2018 में बालिका गृह कांड में बेहतर रिपोर्टिंग के लिए स्टार गोल्ड टीम पुरस्कार से भी नवाजे गये। मई 2022 से सितंबर 2023 तक प्रभात खबर से जुड़े रहे। पुन : अक्टूबर 2023 से ‘हिन्दुस्तान’ से जुड़े। रेलवे, मिलिट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बीट पर विशेष पकड़ बनाये हुए हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.A (अर्थशास्त्र) और मास कम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा होने के कारण सोमनाथ पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह रेलवे, इंफ्रास्स्ट्रक्चर, मेडिकल व मिलिट्री बीट पर कमांड होने के साथ ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सप्लेनर स्टोरीज लिख रहे हैं।


विजन
रेलवे और रेल यात्रियों के मुद्दाें पर सोमनाथ की गहरी समझ है। उन्होंने कई बड़े रेलवे योजनाओं, मेडिकल रिसर्च, मिलिट्री भर्ती (अग्निवीर) और टाउन डेवलॉपमेंट से जुड़े स्टोरीज किये हैं। सोमनाथ का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता ही है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।


विशेषज्ञता
रेलवे, मिलिट्री, इंफ्रास्ट्रक्चर, राजनीतिक, सामाजिक सरोकार, मेडिकल रिसर्च और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग

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