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रेल पुलिस माथे पर चंदन व गले में मफलर लगा नहीं करेंगे ड्यूटी

रेलवे में स्मार्ट पुलिसिंग की कवायत शुरू की गई है। स्मार्ट पुलिसिंग की शुरूआत सबसे पहले पुलिस जवानों के हावभाव, व्यक्तित्व और उनके पहनावे में बदलाव से किया जाएगा। गुरुवार को रेल एसपी संजय कुमार सिंह ने रेल थाना अध्यक्ष और इंस्पेक्टर के साथ क्राइम मीटिंग की। माथे पर चंदन और गले में मफलर लगाकर जवान अब ड्यूटी नहीं करेंगे।

क्राइम मीटिंग में रेल एसपी ने अधिकारियों को रेल डीजी के आदेशों का अनुपालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अब रेल पुलिस माथे पर चंदन और गले में मफलर लगाकर ड्यूटी नहीं रहेंगे। ड्यूटी करते हुए पुलिस कोई ताबिज या जंतर नहीं पहनेंगे। रेल एसपी ने अपराध की समीक्षा करते हुए कहा कि तीन महीने में हुए अपराध का विश्लेषण थानाध्यक्ष खुद सीडी पार्ट 3 में लिखेंगे। इसमें इस दौरान हुए अपराध की जानकारी और उसके निदान के लिए किए गए उपाय के बारे में विस्तृत रूप से लिखेंगे।

रेल एसपी ने थाना को मिलने वाली आत्मनिर्भरता फंड की थानावार समीक्षा की। उन्होंने थानाध्यक्षकों को निर्देश दिया कि इस फंड में हमेशा अग्रिम राशि सुरक्षित रहने दिया जाए। ताकि यह फंड थाना को लगातार मिलते रहे। रेल एसपी के अनुसार शहरी थाना को 25 हजार व ग्रामीण थानों को 15 हजार अग्रिम राशि मिलती है। बैठक में सभी रेल थानों के डीएसपी, इंस्पेक्टर व थानाध्यक्ष मौजूद थे।

अपराध का आकड़ा थाना में लिखें

एसपी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित थानों में होने वाले अपराध के आकड़ों को मानचित्र के साथ थानों में लगाए। यह आकड़ा हमेशा अपडेट रखें। ताकि जानकारी हो सके कि किस थाना क्षेत्र में कितना अपराध हो रहा है। इसके अलावा एसपी ने स्टशनों पर नशाखुरानी, चोरी और छिनतई को रोकने का निर्देश दिया। सिवान व समस्तीपुर के बीच पांच ट्रेनों को चिह्नित किया गया है। वहां अचौक जांच किया जाएगा।

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  • Web Title:Rail police will not apply sandalwood and neck muffler on the forehead