शिक्षा और शिक्षक राष्ट्र निर्माण के सशक्त माध्यम : वीसी
मुजफ्फरपुर में लोक शिक्षा समिति द्वारा प्रांतीय प्रधानाचार्य सम्मेलन का आयोजन किया गया है, जो 14 फरवरी तक चलेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा और शिक्षकों के माध्यम से राष्ट्र और समाज का निर्माण करना है। इसमें मोबाइल फोन के दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की गई।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। लोक शिक्षा समिति की अगुवाई में बुधवार को प्रांतीय प्रधानाचार्य सम्मेलन की शुरुआत की गई। आयोजन भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में किया गया है। यह 14 फरवरी तक चलेगा। कार्यक्रम का आयोजन पांच परिवर्तन विषय पर आधारित है। कार्यक्रम में बीआरएबीयू के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने कहा कि शिक्षा और शिक्षक राष्ट्र निर्माण के सबसे प्रभावी और सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि सरस्वती विद्या मंदिर का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में चरित्र, संस्कार एवं सेवा भाव का निर्माण करना भी है। डॉ. सुबोध कुमार ने कहा कि मोबाइल फोन आज समय की बर्बादी का एक बड़ा कारण बन चुका है।
इसके कारण हम अपने परिवार, संस्कार और सामाजिक दायित्वों से दूर होते जा रहे हैं। लोक शिक्षा समिति के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इन चार दिनों में इस विषय पर गहन मंथन किया जाएगा कि सरस्वती विद्या मंदिर एवं सरस्वती शिशु मंदिर से निकलने वाले भैया-बहन किस प्रकार राष्ट्र, समाज और देश को व्यवस्थित, सशक्त एवं संस्कारित बनाने में अपनी भूमिका निभा सकें। समिति के महामंत्री ने अध्यक्षीय उद्बोधन प्रस्तुत किया। इस मौके पर समिति के महामंत्री डॉ. कृष्णवीर सिंह शाक्य, क्षेत्रीय क्षेत्रीय संगठन मंत्री ख्यालीराम, भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के सचिव डॉ. ललित किशोर मौजूद रहे।
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