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मौलिक अनुसंधान से ही हो सकती प्रगति

उच्च स्तरीय शोध ही किसी राष्ट्र की उन्नति के परिचायक होते हैं। कोई देश और समाज अपने मौलिक अनुसंधान के बल पर ही प्रगति कर सकता है। ये बातें मुख्य अतिथि जेपी विवि, छपरा के कुलपति डॉ. हरिकेश सिंह ने कहीं। वे बीआरए बिहार विवि के यूजीसी-एचआरडीसी में मंगलवार को 87वां ओरिएंटेशन कोर्स के उद्घाटन सत्र में कही। अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. अमरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि सीमित और उपलब्ध संसाधनों से ही आपको अपने छात्र और समाज को अधिकतम देने का प्रयास करना चाहिए। संसाधन कभी आपके अनुरूप नहीं होगा। आपको संसाधनों के अनुरूप ढलना होगा, तभी आप शिक्षा के क्षेत्र में मौलिक कार्य कर सकेंगे। अतिथियों का स्वागत यूजीसी-एचआरडीसी के निदेशक प्रो. मनेंद्र कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन उप निदेशक डॉ. राजीव कुमार झा ने किया। उद्घाटन समारोह में 36 प्रतिभागी शिक्षक शामिल हुए। मौके पर प्रो. अजय कुमार, प्रो. विजय कुमार, प्रो. आलोक कुमार, बबिता मिश्रा, अमिताभ ज्ञानरंजन, प्रतिभा कुमारी, प्रो. गजेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. शिवानंद सिंह, डॉ. एसएन बेनीपुरी, डॉ एसएन तिवारी आदि थे।

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  • Web Title:Progress can be from original research