
भिखनपुरा ग्रिड में केबल पंचर, साढ़े दस घंटे गुल रही 10 फीडर की बिजली
मुजफ्फरपुर में भिखनपुरा ग्रिड का केबल सोमवार रात पंचर हो गया, जिससे 33 केवीए ग्रिड से 10 फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे 1.25 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को दो बजे से 12:30 बजे तक परेशानी का सामना...
मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। भिखनपुरा ग्रिड का केबल सोमवार की देर रात पंचर हो गया। इससे 33 केवीए ग्रिड से निकलने वाले 10 फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गयी। ऊर्जानगर, नया टोला, माड़ीपुर, खबड़ा, भिखनपुरा, बेला के अलावा मड़वन, कुढ़नी, सुधा डेयरी, सदातपुर और कांटी फीडर प्रभावित हो गये। इससे सवा लाख से अधिक उपभोक्ता सोमवार की देर रात दो बजे से मंगलवार दोपहर 12.30 बजे तक बिजली के लिए परेशान रहे। बिजली नहीं रहने से सुबह में दैनिक दिनचर्या प्रभावित हुई। घरों में पानी का संकट हो गया। लोग आसपास चापकल आदि खोजते नजर आये या फिर पड़ोसियों की मदद से खाना बनाने के लिए पानी लिया।

बड़ी संख्या में लोगों ने डिब्बा बंद पानी खरीदा। दोपहर साढ़े 12.30 बजे के बाद बिजली चालू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इधर, बिजली कंपनी की ओर से बताया गया कि ग्रिड का भिखनपुरा में केबल पंचर होने से परेशानी आयी थी। केबल अंडरग्राउंड होने से फॉल्ट खोजने में देरी हुई। कई हिस्सों में जाकर जांच के बाद फॉल्ट मिला। इन इलाकों में रहा संकट: कलमबाग, गन्नीपुर, दामुचक, नया टोला, माड़ीपुर, बेला, पड़ाव पोखर, ओरिएंट क्लब, रामदयालु, भिखनपुरा, कलमबाग रोड, छाता चौक, सराय सैयद लेन, मोतीझील, मिस्कॉट, कलेक्ट्रेट, सदर अस्पताल रोड, कंपनीबाग का कुछ हिस्सा जैसे प्रमुख इलाकों में बिजली आपूर्ति करीब साढ़े 10 घंटे तक बंद रही। सुबह में पानी के लिए भटकते रहे लोग: पड़ाव पोखर के मणिभूषण शर्मा, त्रिलोकी शरण, दामुचक के रत्नेश कुमार, अनिल शंकर सिंह, खबड़ा के प्रमोद ओझा, आशुतोष ओझा, बेला के जीपी गुप्ता ने बताया कि सुबह में बड़ा संकट पानी का हो गया। बच्चों को बिना स्नान कराए स्कूल भेजना पड़ा। लोगों ने कहा कि अधिकांश घरों का इनवर्टर आदि भी फेल हो चुका था। कलमबाग रोड के मिल्क प्रोडक्ट बेचने वाले रंजन श्रीवास्तव, मणिशंकर चौधरी, दवा दुकानदार शिवाजी कुमार ने बताया कि बिजली नहीं होने से दूध आदि प्रोडक्ट खराब हो गये। दुकान में इन्वर्टर ने भी दे दिया जवाब: मोतीझील में भी बिजली आपूर्ति ठप होने से व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के अलावा आवासीय इलाकों में इससे काफी परेशानी झेलनी पड़ी। कुछ लोगों को जेनरेटर तक चलाना पड़ा। दुकानदारों का इन्वर्टर भी काम नहीं कर रहा था। जेनरेटर वाले ने बिजली के लिए अतिरिक्त रुपये भी लिये। बेला में कुछ औद्योगिक प्रतिष्ठान का संचालन काफी लेट से हुआ।

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