मुजफ्फरपुर में बढ़ रहा परीक्षा फर्जीवाड़ा, पुलिस अब भी जड़ तक नहीं पहुंच सकी

मुजफ्फरपुर में बढ़ रहा परीक्षा फर्जीवाड़ा, पुलिस अब भी जड़ तक नहीं पहुंच सकी

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर में परीक्षाओं में फर्जीवाड़े की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस इन मामलों की जड़ तक नहीं पहुंच पा रही है। हाल ही में नीट और एसएससी परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ने के बावजूद, कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उच्च प्रोफाइल मामलों के कारण केस फाइलें लंबित हैं।

Dec 12, 2025 02:37 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर में परीक्षाओं में हो रहे फर्जीवाड़े के मामलों में पुलिस उनकी जड़ यानी 'बैकवर्ड लिंक' तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे बड़े सॉल्वर रैकेट का पर्दाफाश नहीं हो पा रहा है। विभिन्न थानों में सॉल्वर गैंग के खिलाफ आधा दर्जन मामले दर्ज होने के बावजूद, पुलिस सिर्फ गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल करके केस की फाइलें लंबित मामलों के बंडल में डाल देती है। एक प्रमुख उदाहरण मिठनपुरा के मालीघाट स्थित डीएवी सेंटर का है, जहां नीट परीक्षा में सॉल्वर गैंग ने प्रयागराज के राज पांडेय की जगह राजस्थान के जोधपुर एम्स के तृतीय वर्ष के छात्र हुक्मा राम को फर्जी परीक्षार्थी बनाकर बैठाया था।

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शक होने पर हुक्मा को पकड़ा गया और उसने पैसे लेकर परीक्षा देने की बात कबूल की, लेकिन कबूलनामे के बावजूद उसे परीक्षा केंद्र से भगा दिया गया। बाद में मामला सुर्खियों में आया तो मिठनपुरा थाने में एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन हाई प्रोफाइल जुड़ाव के कारण डेढ़ साल बाद भी पुलिस ने किसी पर चार्जशीट दाखिल नहीं की है, जबकि दोनों आरोपियों ने कोर्ट से जमानत ले ली है और पुलिस ने केस को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इसी तरह, सदर थाना क्षेत्र के मझौली धर्मदास स्थित एक ऑनलाइन केंद्र पर पिछले 13 फरवरी को एसएससी जीडी परीक्षा में हाजीपुर निवासी गोलू कुमार की जगह छपरा निवासी आकाश कुमार को फर्जी परीक्षार्थी के रूप में पकड़ा गया था। गोलू कुमार वॉशरूम में छिपा मिला था।

पूछताछ में पता चला था कि पटना के अजीत कुमार ने सॉल्वर गैंग से तीन लाख रुपये में सेटिंग की थी। इस मामले में भी गिरफ्तार आरोपियों पर कार्रवाई करके पुलिस चुप बैठ गई है और केस फाइल आठ महीने से पेंडिंग है। इसके अलावा, 7 जुलाई 2024 को विवि परीक्षा भवन में सीटेट परीक्षा में गणेश कुमार की जगह वैशाली के विकास कुमार को परीक्षा देते पकड़ा गया था। इन दोनों पर कार्रवाई के बाद केस फाइल बंद कर दी गई है। सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने कहा है कि सॉल्वर गैंग के पुराने मामलों की केस फाइल की समीक्षा की जाएगी और कार्रवाई या जांच रुकने के कारणों की पड़ताल करके दोषियों पर कार्रवाई पूरी कराई जाएगी।