
कॉलेजों में बैठने की जगह नहीं, हर साल बढ़ाई जा रही सीटें
बैठने की जगह 800, नामांकन हर साल 1600 विशेष बीआरएबीयू: - कई कॉलेजों में सभी
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बीआरएबीयू के कॉलेजों में क्षमता से कई गुना अधिक नामांकन लिया जा रहा है। हालात ये हैं कि विद्यार्थियों के बैठने की जगह है नहीं, लेकिन कॉलेज सीटें बढ़ाने के लिए आवेदन पर आवेदन दे रहे हैं। इस साल भी अब तक सवा लाख तक नामांकन हो चुका है। कॉलेजों के प्राचार्यों का कहना है कि कॉलेज में संसाधन बढ़ाने की जरूरत है। बीआरएबीयू के कई ऐसे कॉलेज हैं, जहां एक साथ सभी छात्र उपस्थित हो जायें तो उन्हें कक्षा में बैठाने की जगह नहीं होगी। बीआरएबीयू में हर साल नामांकन की संख्या बढ़ रही है। इस साल भी कई सरकारी और निजी कॉलेजों ने सीटें बढ़ाने का आवेदन दिया है।
वर्षों से कॉलेजों के आधारभूत संरचना में बदलाव नहीं कॉलेजों के प्राचार्यों का कहना है कि वर्षों से कॉलेजों के आधारभूत संरचना में बदलाव नहीं हुआ है। सरकार के स्तर से और न विवि प्रशासन के स्तर से। कॉलेजों में कमरे बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय को लिखा गया। कालेजों में एक अलग से परीक्षा भवन बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया है, लेकिन कुछ नहीं हुआ। नए उच्च शिक्षा निदेशालय ने भी लिया प्रस्ताव नये उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एनके अग्रवाल के पदभार ग्रहण करने के बाद शिक्षा विभाग में कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक हुई थी। इसमें कॉलेजों के आधारभूत संरचना के विकास के लिए प्रस्ताव मांगे गये थे। बैठक में विभाग की तरफ कहा गया था कि कॉलेजों और खासकर ग्रामीण कॉलेजों में संरचना विकास किया जायेगा। बैठक हुए महीनों बीत गए, अब तक इस पर पहल नहीं हुई। कॉलेजों में कई विषयों में एक भी शिक्षक नहीं बीआरएबीयू के कॉलेजों में कई विषयों में एक भी शिक्षक नहीं हैं। नीतीश्वर कॉलेज में म्यूजिक और संस्कृति में शिक्षक नहीं हैं। श्री राघव प्रसाद सिंह महाविद्यालय जैतपुर फिजिक्स में एक भी शिक्षक नहीं हैं। आरसी कॉलेज सकरा में फिजिक्स में शिक्षक नहीं हैं। आरडीएस कॉलेज में बॉटनी में गेस्ट शिक्षक हैं। आरबीबीएम में म्यूजिक में एक भी शिक्षक नहीं हैं। एमएसकेबी कालेज में म्यूजिक और केमेस्ट्री में एक भी शिक्षक नहीं हैं।

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