संसाधन व सुविधा बताने में 17 हजार स्कूलों ने नहीं दिखाई रुचि

Mar 08, 2026 06:12 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर में 17 हजार स्कूलों ने संसाधनों और सुविधाओं का ब्योरा देने में रुचि नहीं दिखाई है। 18 जिलों के स्कूलों ने पोर्टल पर सर्टिफिकेशन पूरा नहीं किया है। विभाग ने जवाब मांगा है और कहा है कि रिकॉर्ड न देने वाले स्कूलों को नई सुविधाओं से वंचित किया जाएगा।

संसाधन व सुविधा बताने में 17 हजार स्कूलों ने नहीं दिखाई रुचि

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। संसाधन और सुविधाओं को बताने में 17 हजार स्कूलों ने रुचि नहीं दिखाई है। सूबे के इन स्कूलों ने पोर्टल पर सर्टिफिकेशन पूरा नहीं किया है। 18 जिले के शत प्रतिशत स्कूलों ने संसाधन और सुविधा का ब्योरा बताया है। मुजफ्फरपुर समेत 20 जिलों में 20 से 30 फीसदी स्कूलों ने यह रिकॉर्ड नहीं दिया है।विभाग ने इसकी समीक्षा की है और संबंधित जिलों के डीईओ व डीपीओ से जवाब मांगा है। विभाग ने निर्देश दिया है कि संसाधन नहीं देने वाले स्कूलों में संबंधित सुविधाएं शून्य मानी जाएंगी और इसी के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सभी स्कूलों को विभागीय पोर्टल पर अपने स्कूल में कमरों की संख्या, पेयजल, शौचालय, खेल मैदान समेत अन्य संसाधनों का रिकार्ड देना था। इसी के आधार पर स्कूलों को जरूरत के अनुसार चीजें मुहैया कराई जानी है। 17 हजार स्कूलों ने इसे अपडेट नहीं किया है।इन जिलों में इतने स्कूलों ने नहीं दिया ब्योरा:सत्र 2025-26 के लिए यह रिकार्ड मांगा गया था। सबसे अधिक सीवान में 2482 स्कूलों ने संसाधनों के बारे में नहीं बताया है। प.चंपारण में 2721, कटिहार में 1541, मुजफ्फरपुर में 2327, पूर्वी चंपारण में 2260, खगड़िया में 755, सुपौल में 1093, शिवहर में 215, लखीसराय में 349, गोपालगंज में 694, वैशाली में 695 स्कूलों ने यह रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया है।नई सुविधाओं से वंचित हो जाएंगे स्कूलरिकार्ड नहीं देने के कारण ये स्कूल आगे के बजट में सुविधाओं से वंचित हो सकते हैं। स्कूलों से मिले रिकार्ड के आधार पर बजट में प्रावधान किया जाता है। विभाग ने संबंधित स्कूलों पर कार्रवाई का आदेश दिया है।

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