ओपन जिम में बढ़े उपकरण और ट्रेनर हों बहाल तो कर सकें सेहत की देखभाल

Arun Kumar Jha हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर। कंपनीबाग मैदान के सिटी पार्क के ओपन जिम में केवल आठ उपकरण हैं, जो आने वाले लोगों की संख्या के मुकाबले बहुत कम हैं। यहां युवकों का समूह उपकरणों पर कब्जा कर लेता है, जिससे अन्य लोगों को लौटना पड़ता है। सुरक्षा की कमी के कारण महिलाएं भी भयभीत रहती हैं।

ओपन जिम में बढ़े उपकरण और ट्रेनर हों बहाल तो कर सकें सेहत की देखभाल

मुजफ्फरपुर। कंपनीबाग मैदान स्थित सिटी पार्क के ओपन जिम का हाल एक अनार सौ बीमार जैसा हो गया है। जिम में महज आठ उपकरण हैं। फिटनेस के लिए यहां आने वालों की संख्या को देखते हुए यह ऊंट के मुंह में जीरा जितनी है। समस्या यह भी है कि उचक्के युवकों का ग्रुप जब उपकरणों पर कब्जा जमा लेता है, तब सिवाय घर वापस लौटने के दूसरा चारा नहीं रह जाता। पार्क में सुबह टहलने और व्यायाम करने आने वाले लोगों का कहना है कि शहर के अन्य पार्कों में भी ओपन जिम की सुविधा हो तो लोगों की परेशानी दूर हो सकेगी। लोगों ने सिटी पार्क स्थित ओपन जिम में सुरक्षा के इंतजाम पर भी जोर दिया, ताकि महिलाएं बिना डर-भय के आराम से व्यायाम कर सकें।

ओपन जिम में सुबह-सुबह आने वाले लोग

शहर के सिटी पार्क में सुबह-सुबह टहलने के लिए आने वाले युवा-बुजुर्ग यहां के ओपन जिम में अपनी फिटनेस बढ़ाते हैं। सुबह पांच से आठ बजे तक इस पार्क में प्रवेश नि:शुल्क है। पार्क के अंदर घुसते ही शुरू में ही बाईं ओर खुले आसमान के नीचे ओपन जिम बनाया गया है। यह जिम उनलोगों के लिए है, जो यहां टहलने या सैर करने आते हैं। इसका उद्देश्य एक ही स्थान पर पार्क व जिम की सुविधा उपलब्ध कराना है। शहर में बड़ी संख्या में निजी इनडोर जिम हैं, जहां महंगी फीस ली जाती है। वहीं, सिटी पार्क का ओपन जिम सभी के लिए फ्री है। यह जिम काफी लोकप्रिय हो चुका है, लेकिन इसकी समस्याएं भी कम नहीं हैं। यहां आने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए उपकरण काफी कम हैं। इससे लोगों को काफी देर तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। कई लोग तो मायूस होकर वापस लौट जाते हैं।

पार्कों की संख्या और ओपन जिम की कमी

ओपन जिम में आने वाले लोगों का कहना है कि एक तो शहर में पार्कों की संख्या काफी कम है। उसमें भी ओपन जिम नहीं है। सिटी पार्क चालू होने के समय ही यहां ओपन जिम की व्यवस्था की गई थी। यहां समस्या यह है कि एक तो काफी कम क्षेत्रफल में पार्क है। उसमें एक तरफ ओपन जिम बना दिया गया है। ओपन जिम होने के कारण शहर के लगभग सभी मोहल्लों के लोग इस पार्क में पहुंचते हैं, जिससे यहां भीड़ लग जाती है। इसके अलावा योग करने और टहलने वालों की अलग संख्या होती है। सुबह पांच से आठ बजे तक इन लोगों के लिए पार्क खुला रहता है। भगवानपुर के संतोष कुमार ने बताया कि नगर निगम अगर अन्य मोहल्लों में अपनी जमीन पर पार्क बनाता या गोलंबर को पार्क व ओपन जिम के रूप में विकसित करता तो लोगों को अपने घर के निकट यह सुविधा मिल पाती। इससे सिटी पार्क के ओपन जिम में भीड़ कम हो पाती। कहा कि सरकारी स्कूल-कॉलेजों के परिसरों में ओपन जिम की व्यवस्था हो तो शहर के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। शहर में चलाए जा रहे निजी इनडोर जिम की उन सुविधाओं को ओपन जिम में भी बहाल किया जाए तो लोगों के लिए लाभदायक होगा।

ओपन जिम के लिए कोई ट्रेनर नहीं

लोगों ने कहा कि सिटी पार्क स्थित ओपन जिम के लिए कोई ट्रेनर की व्यवस्था नहीं है, जिससे पता ही नहीं चलता है कि उनके स्वास्थ्य के लिए कौन सा व्यायाम जरूरी है। इसे कितनी देर तक करना चाहिए। व्यायाम के दौरान क्या-क्या सावधानियां बरतनी है। बस वे जब तक थकते नहीं, तब तक व्यायाम करते रह जाते हैं। पार्क में कभी भी जिम के विशेषज्ञों का प्रशिक्षण शिविर नहीं लगाया गया है। इससे यहां आने वाले को जिम से व्यायाम के क्षेत्र में होने वाले बदलावों की जानकारी नहीं होती।

उचक्कों के कारण भयभीत रहती हैं महिलाएं

लोगों ने कहा कि कंपनीबाग स्थित सिटी पार्क के निकट बाइक से उचक्के घूमते रहते हैं। वे यहां टहलने आने वाली महिलाओं को निशाना बनाते हैं। कई बार महिलाओं से चेन, पर्स व मोबाइल छिनतई की घटनाएं घट चुकी हैं। पुलिस की गश्ती गाड़ियां यहां कम दिखती हैं। इसके अलावा पार्क में दोस्तों के साथ घूमने को लेकर कई बार युवकों के ग्रुप में मारपीट होती है। इससे भी यहां आने से लोगों में भय बना रहता है। वीरेंद्र कुमार ने बताया कि कभी-कभी टहलने व ओपन जिम में व्यायाम करने के बहाने बड़ी संख्या में युवक पार्क में घुस जाते हैं। वे काफी शोर-शराबा करते हैं। इससे जिम में व्यायाम करने वालों को परेशानी होती है। कभी-कभी ये युवक जिम के सभी उपकरणों पर कब्जा कर लेते हैं, जिससे अन्य लोगों को काफी परेशानी होती है। उचक्कों के भय से कोई कुछ नहीं बोलता है। पुलिस सुबह में पार्क के अंदर आकर यहां की स्थिति का जायजा नहीं लेती है। पार्क के बाहर बेतरतीब तरीके से बाइकों की पार्किंग की जाती है। कई बार यहां से बाइक चोरी की घटनाएं घट चुकी हैं।

जिम्मेदार की प्रतिक्रिया

सिटी पार्क स्थित ओपन जिम के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिकायत मिलते ही उपकरणों की मरम्मत कराई जाती है। अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिले, इसके लिए समाहरणालय स्थित अप्पू पार्क में ओपन जिम स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा सभी पार्षदों से उनके वार्ड में जमीन की उपलब्धता होने पर ओपन जिम का प्रस्ताव मांगा गया है। इस प्रस्ताव के मिलने पर वहां ओपन जिम स्थापित किया जाएगा।

निर्मला साहू, महापौर

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिटी पार्क के ओपन जिम में कितने उपकरण हैं?
सिटी पार्क के ओपन जिम में महज आठ उपकरण हैं।
Arun Kumar Jha

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Arun Kumar Jha

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