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3371 में 41 स्कूलों के बच्चे ही वीरों की कहानी से हुए रूबरू

3371 में 41 स्कूलों के बच्चे ही वीरों की कहानी से हुए रूबरू

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर जिले में 3371 स्कूलों में से केवल 41 स्कूलों के बच्चे वीरगाथा प्रोजेक्ट में शामिल हुए हैं। रक्षा मंत्रालय के इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य विद्यार्थियों में देशप्रेम और बहादुरी की भावना को जागृत करना है। अंतिम तिथि 10 नवंबर है, लेकिन कई प्रखंडों में स्कूलों ने लापरवाही दिखाई है।

Nov 10, 2025 03:29 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। जिले में 3371 स्कूलों में महज 41 स्कूल के बच्चे ही अबतक वीरों की कहानी से रूबरू हुए और उनके प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सके हैं। 10 नवंबर तक ही वीरगाथा प्रोजेक्ट में शामिल होने की अंतिम तिथि है, लेकिन जिले में दो फीसदी स्कूल और बच्चे भी इसमें शामिल नहीं हुए हैं। स्कूलों की इस लापरवाही पर डीईओ ने जवाब मांगा है। जिला स्तर पर हुई समीक्षा में यह सामने आया है। इसमें भी कई प्रखंड ऐसे हैं, जहां से एक भी स्कूल के बच्चे इसमें शामिल नहीं हुए हैं। रक्षा मंत्रालय के वीरगाथा प्रोजेक्ट में सभी स्कूलों को शामिल होने का निर्देश मिला था।

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वीरगााथा मिशन का उद्देश्य देश के वीरों के जीवन एवं बलिदान की कहानियों के जरिए विद्यार्थियों में बहादुरी और देशप्रेम की भावना को जागृत करना है। प्रोजेक्ट वीरगाथा में अलग अलग प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को शामिल होना है। कक्षा 3 से 12 के विद्यार्थी भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। इसमें कला एकीकृत गतिविधियां जैसे कविता, निबंध, कहानी, पैराग्राफ, पेंटिंग, ड्राइंग, वीडियो छात्रों के लिए परियोजना गतिविधियों के रूप में माना गया है। प्रतिभागियों का मूल्यांकन तीन स्तर पर किया जाना है। विजेता बच्चों को 10 हजार तक की राशि और सर्टिफिकेट भी मिलने हैं। सबसे अधिक मीनापुर के 20 स्कूलों के बच्चे हुए शामिल औराई, बोचहां, कुढ़नी, मुरौल, साहेबगंज, पारू, कांटी जैसे प्रखंडों में लापरवाही इस कदर है कि यहां के एक भी बच्चे इसमें शामिल नहीं हुए हैं। सबसे अधिक मीनापुर के 20 स्कूलों के बच्चे इस प्रोजेक्ट में शामिल हुए हैं। मुशहरी में 8, मोतीपुर में 2, कटरा में 3, बंदरा में 2, गायघाट में 3, सरैया में एक स्कूल ही इसमें अबतक शामिल हुए हैं।