
ऑनलाइन शिक्षा भविष्य की पुकार : प्रो. रवि शेखर
मुजफ्फरपुर में रामदयालु सिंह महाविद्यालय के भूगोल विभाग एवं आइक्यूएसी द्वारा 'ऑनलाइन शिक्षा एवं शिक्षक-विद्यार्थी संबंध' विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। प्रो. रवि शेखर ने कहा कि कोविड के समय से ऑनलाइन शिक्षा भारत में एक नए प्रयोग के रूप में आई है। यह भौगोलिक बाधाओं को दूर करती है और लचीलापन प्रदान करती है।
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। रामदयालु सिंह महाविद्यालय के भूगोल विभाग एवं आइक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को वर्तमान संदर्भ में ऑनलाइन शिक्षा एवं शिक्षक-विद्यार्थी संबंध: एक विमर्श विषय पर संगोष्ठी हुई। मुख्य वक्ता क्षेत्रीय अध्ययन संस्थान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के वरीय आचार्य प्रो. रवि शेखर ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा एक नए प्रयोग के रूप में कोविड के समय से भारत में आयी है। आज बड़े पैमाने पर विभिन्न विश्वविद्यालयों में इसे उपयोग में लाया जा रहा है। यह भविष्य की पुकार है। भूगोल विभाग की अध्यक्ष डॉ. आयशा जमाल ने अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि ऑनलाइन शिक्षा समय की मांग है, क्योंकि यह भौगोलिक बाधाओं को दूर करती है।

सीखने के लिए लचीलापन प्रदान करती है और लागत को कम करती है। प्राचार्य डॉ. शशिभूषण कुमार ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा निरंतर सीखने और कौशल को अद्यतन करने का अवसर प्रदान करती है। आइक्यूएसी के समन्वयक डॉ. रजनीकांत पांडे ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पाठ्यक्रमों और विशेषज्ञताओं की विस्तृत शृंखला प्रदान करते हैं। यह वैश्विक कौशल विकसित करने में मदद करता है। मौके पर सिंडिकेट सदस्य डॉ. रमेश प्रसाद गुप्ता, डॉ. राजेश्वर कुमार, डॉ. प्रशांत कुमार, प्रो. अनिता सिंह, डॉ. संजय कुमार सुमन, डॉ. एमएन रजवी, डॉ. सुमन लता, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. गणेश कुमार शर्मा, डॉ. ललित किशोर, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. मीनू कुमारी, राजेश कुमार आदि ने विचार रखे। मंच संचालन डॉ. सुमन लता और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. गणेश कुमार शर्मा ने किया।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




