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7 जनवरी, 2021|11:54|IST

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छात्रों में समाजसेवा जागृत करने के उद्देश्य से हुई एनएसएस की स्थापना

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महात्मा गांधी और स्वामी विवेकानंद का उद्देश्य था कि कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही छात्रों में समाजसेवा की भावना जागृत हो। 24 सितंबर 1969 को राष्ट्रीय सेवा योजना को कॉलेजों के लिए लागू किया गया। आज इससे देशभर के करीब 40 हजार छात्र-छात्राएं जुड़े हुए हैं। ये बातें बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के 51वें स्थापना दिवस पर हुए वेबिनार में एनएसएस के पूर्व समन्वयक डॉ. विजय कुमार जायसवाल ने कहीं। इसमें पूर्व समन्वयक डॉ. अरुण कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाएं स्लम एरिया तक नहीं पहुंच पाती हैं। उन्हें एनएसएस के स्वयंसेवक अंतिम छोड़ तक पहुंचाते हैं। साथ ही लोगों को जागरूक करने में भी इनकी अहम भूमिका होती है। एनएसएस के क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार ने युवा शक्ति और युवा कैसे आगे बढ़े इसकी जानकारी दी। समन्वयक डॉ. वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में ये स्वयंसेवक अहम भूमिका निभा रहे हैं। विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के डॉ. सुबोध सिंह ने कहा कि एनएसएस मानव को मानव से प्रेम करने की प्रेरणा देता है। इसके स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से समाज के लिए काम करते हैं। कार्यक्रम में डॉ. रजनीश गुप्ता, डॉ. लक्ष्मण यादव, डॉ. अनुराधा पाठक आदि ने भी विचार रखें। इसमें तमाम कॉलेजों के एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी शामिल हुए।

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