Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में इथेनॉल का एक और प्लांट लगेगा
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र में एक नई इथेनॉल प्लांट लगाने की मंजूरी की सिफारिश की गई है। यह प्लांट 111 केएलडी की उत्पादन क्षमता के साथ होगा, जिससे जिले में कुल इथेनॉल उत्पादन क्षमता 1000 केएलडी से अधिक होगी। इससे मक्का किसानों को बाजार और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता/सोमनाथ सत्योम। मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र में एक और इथेनॉल प्लांट लग सकता है। मुजफ्फरपुर बायो फ्यूल्स को 1.26 लाख वर्गफुट भूमि पर नया प्लांट लगाने की मंजूरी देने की सिफारिश की गई है। इस प्लांट की उत्पादन क्षमता 111 केएलडी (किलोलीटर प्रतिदिन) होगी। यह जिले का सातवां इथेनॉल प्लांट होगा। इसके शुरू होने से जिले में कुल इथेनॉल उत्पादन क्षमता 1000 केएलडी से अधिक हो जाएगी。
उद्योग क्षेत्र में मौजूदा स्थिति
मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र में मुजफ्फरपुर बायो फ्यूल्स का एक इथेनॉल प्लांट पहले से संचालित है। अब कंपनी यहां अपनी दूसरी इकाई लगाना चाहती है। बियाडा की परियोजना क्लीयरेंस कमेटी ने कंपनी के प्रस्ताव को मंजूरी की सिफारिश के लिए आगे भेजा है। जमीन आवंटन पर अंतिम मुहर बियाडा मुख्यालय से लगेगी। नया इथेनॉल प्लांट शुरू होने से स्थानीय स्तर पर मक्का किसानों को बड़ा बाजार मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
अन्य प्रस्तावों की जानकारी
बेला व मोतीपुर में अन्य इकाई के लिए भी प्रस्ताव :
इथेनॉल के अलावा मुजफ्फरपुर के बेला, मोतीपुर के डुमरिया और दामोदरपुर औद्योगिक क्षेत्र में अन्य उत्पाद इकाईयों के लिए भी निवेशकों ने रुचि दिखाई है। पीसीसी की ओर से जारी सिफारिश पत्र के अनुसार, पांच कंपनियों ने कुल 2.2 लाख वर्गफुट जमीन की मांग की है। इसमें सोलर स्ट्रीट लाइट उत्पादन की इकाई भी प्रस्तावित है। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए एक कंपनी बेला फेज-2 में सोलर लाइट और सोलर पैनल से जुड़े उपकरण बनाने की फैक्ट्री लगाना चाहती है। इसके अलावा, बेकरी उत्पादों की एक बड़ी इकाई का भी प्रस्ताव है। यह कंपनी बिस्किट, ब्रेड और अन्य पैकेज्ड फूड उत्पादों का उत्पादन करेगी।
भूमि आवंटन की प्रक्रिया
जमीन की उपलब्धता देख होगा आवंटन :
बियाडा के पास प्लास्टिक प्रोडक्ट, स्टील फर्नीचर और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े प्रस्ताव भी आए हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी प्रस्तावों की तकनीकी और वित्तीय जांच की जा रही है। उपलब्धता के आधार पर जल्द ही जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उद्योग विभाग के अधिकारियों का मानना है कि मुजफ्फरपुर में कनेक्टिविटी और कच्चे माल की उपलब्धता के कारण निवेशकों का रुझान बढ़ा है। इथेनॉल के साथ-साथ नॉन इथेनॉल सेक्टर में भी निवेश आने से जिले का औद्योगिक परिदृश्य बदल रहा है।


