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29 फरवरी, 2020|5:38|IST

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अपहरण के 50 दिनों तक जीवित थी नवरूना

नवरूना कांड की जांच अवधि विस्तार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अर्जी में सीबीआई ने दावा किया कि अपहरण के 50 दिन बाद तक नवरूना जीवित थी। वहीं, पीएमसीएच के एफएमटी विभाग की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट में उसके घर के निकट नाले से मिले कंकाल को 20 दिन पुराना बताया गया है। इस कंकाल को लेकर शुरू से ही सवाल उठ रहे हैं। पिता अतुल्य चक्रवर्ती व माता मैत्रेयी चक्रवर्ती ने तो इसे नवरूना का मानने से ही इंकार कर दिया था। सीबीआई की जांच इस दिशा में बढ़ने पर मामला फिर से चर्चा में आ गया है। कंकाल बरामदगी के बाद पुलिस ने पीएमसीएच के एफएमटी विभाग से इसकी फोरेंसिक जांच कराई थी। रिपोर्ट में इसे किशोरी की 20 दिन पहले हत्या वाला कंकाल बताया गया था। इसके आधार पर पुलिस व बाद में सीआईडी ने इसकी डीएनए जांच करानी चाही थी। पहले इंकार करने के बाद  खून का नमूना दिया गया। 
18 सितंबर 2012 की रात घर से हुआ था अपहरण 
18 सितंबर 2012 की रात जवाहरलाल रोड स्थित आवास से सोयी अवस्था में नवरूना का अपहरण कर लिया गया। 11 नवंबर 2012 को उसके घर के निकट नाला सफाई में मानव कंकाल मिला। पहले इस मामले की जांच पुलिस व बाद में सीआईडी ने की। कोई नतीजा नहीं निकलने पर इसकी जांच सरकार ने सीबीआई को सौंपी। फरवरी 2014 से इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।   

डीएनए टेस्ट के लिए रक्त देने का सवाल मानवाधिकार आयोग के समक्ष भी पुलिस की ओर से रखा गया था। जब उन्होंने कंकाल की हड्डी का पहले डीएनए कराने की बात की तो पुलिस मुकर गई थी।                               -अतुल्य चक्रवर्ती, नवरूना के पिता  

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  • Web Title:Navaruna was alive for 50 days of kidnapping