किसी भी भाव को समझने में संदर्भ महत्वपूर्ण : प्रो. आलोक
मुजफ्फरपुर में बीआरएबीयू के पीजी अंग्रेजी विभाग में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का समापन हुआ। कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने उद्घाटन किया। सेमिनार का विषय 'टेक्स्ट एंड कॉन्टेक्स इन लैंग्वेज एंड...

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बीआरएबीयू के पीजी अंग्रेजी विभाग में चल रहे दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का समापन शनिवार को हो गया। समापन कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सेमिनार लगातार होने चाहिए, इसमें उनका पूरा सहयोग रहेगा।
सेमिनार अंग्रेजी विभाग और रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष सह प्रॉक्टर प्रो. विनय शंकर राय ने बताया कि सेमिनार का विषय टेक्स्ट एंड कॉन्टेक्स इन लैंग्वेज एंड लिट्रेचर इन इंग्लिश था। सेमिनार की शुरुआत अतिथियों और प्राध्यापकों ने दीप प्रज्वलित कर की। विभाग की गायक मंडली द्वारा स्वागत गान और सरस्वती वंदना की प्रस्तुति की गई।
मुख्य वक्ता के तौर पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. आलोक कुमार और नालंदा ओपन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. समीर कुमार शर्मा मौजूद रहे। प्रो. आलोक कुमार ने कहा कि किसी भी भाव को समझने के लिए संदर्भ महत्वपूर्ण होता है। प्रो. मधु शालिनी ने सेमिनार की रिपोर्ट का पाठ किया। मंच संचालन प्रो. मधुर कुमार ने किया। डॉ. विनम्रता, डॉ. सौम्या सरकार और डॉ. उपेन्द्र गामी ने व्यवस्थापक मंडली का नेतृत्व किया। उनके सहयोग में मृत्युंजय, रितिक, अंजलि, हरि प्रिया, वंदना, रवि आदि जुटे रहे।
देश के विभिन्न क्षेत्रों और विश्वविद्यालयों से लगभग 250 शोधार्थियों ने इस सेमिनार में भाग लिया। शोधकर्ता मुरारी और राघवेंद्र ने मंच से सेमिनार के प्रति अपनी प्रतिक्रियाओं को साझा किया। मौके पर डॉ. कनुप्रिया, डॉ. ममता रानी, डॉ. नीलिमा आदि उपस्थित रहीं।
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