काम क्लर्क का, अनुभव प्रमाणपत्र शिक्षक का
मुजफ्फरपुर में एक सहायक प्राध्यापक के अनुभव प्रमाणपत्र में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आरटीआई के तहत इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ है, जिसमें एक महिला को बिना सही दस्तावेजों के अनुभव प्रमाण जारी किया गया। विवि प्रशासन ने इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। विश्वविद्यालय सेवा आयोग की तरफ से चयनित एक सहायक प्राध्यापक के अनुभव प्रमाणपत्र में फिर गड़बड़ी सामने आई है। सूचना के अधिकार के तहत इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। बीआरएबीयू के अंगीभूत कॉलेज में क्लर्क का काम करने वाली एक महिला को शिक्षक का अनुभव प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। इस अनुभव पर उसे विवि के एक कॉलेज में नौकरी भी मिल गई है। आरटीआई से इस मामले के सामने आने के बाद विवि और कॉलेज में हड़कंप मचा हुआ है। उसके कॉलेज प्राचार्य ने अनुभव प्रमाणपत्र या कक्षा लेने से संबंधित एक भी दस्तावेज नहीं होने की बात सूचना के अधिकार के तहत कही है।
बीआरएबीयू में सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच चल रही है। विवि प्रशासन ने इसके लिए एक कमेटी का गठन किया है। बीआरबएबीयू में गुरुवार को राजनीति विज्ञान विभाग के नये नियुक्त सहायक प्राध्यापकों की जांच भी पूरी हो गई। हालांकि, रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा का कहना है कि अभी उनके पास रिपोर्ट नहीं आयी है। उधर, राजनीति विज्ञान में नियुक्त एक सहायक प्राध्यापक के अनुभव प्रमाणपत्र में भी गड़बड़ी की बात सामने आ रही है। सूत्रों ने बताया कि राजनीति विज्ञान में नियुक्त एक सहायक प्राध्यापक ने बीआरएबीयू के एक संबद्ध कॉलेज का अनुभव प्रमाण दिखाया है, जबकि वह उस कॉलेज में तदर्थ के रूप में तैनात था और जिस अवधि में उसने अनुभव प्रमाणपत्र दिया है, उस समय वह अतिथि शिक्षक के तौर पर काम कर रहा था।
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