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जुर्माना वसूली तक सिमटा ऑटो, ई-रिक्शा को राह पर लाने का अभियान

जुर्माना वसूली तक सिमटा ऑटो, ई-रिक्शा को राह पर लाने का अभियान

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर में ऑटो और ई-रिक्शा की मनमानी से शहर में जाम की समस्या बनी हुई है। तय रूट और कलर कोड का पालन नहीं हो रहा है, जिससे राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है, लेकिन नोडल अधिकारी अभी तक सड़क पर नहीं उतर सके हैं।

Jan 31, 2026 07:52 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए ऑटो व ई-रिक्शा को राह पा लाने का अभियान जुर्माना वसूली पर आकर सिमट गया है। सड़कों पर ऑटो व ई-रिक्शा चालकों की मनमानी जारी है। तय रूट और कलर कोड का पालन नहीं हो रहा है। अधिकारियों की दिलचस्पी भी नियमों का पालन कराने की जगह सिर्फ नियमों के उल्लंघन पर चालान काट जुर्माना वसूलने तक रह गई है। इस कारण अब भी शहर के प्रमुख चौराहों पर ऑटो और ई-रिक्शा की वजह से जाम लग रहा है। इससे राहगीर परेशान हो रहे है। शुक्रवार को भी ब्रह्मपुरा, यादव नगर, गोबरसही, भगवानपुर गोलंबर, जूरन छपरा चौराहा, महेश बाबू चौक, स्टेशन रोड, अघोरिया बाजार, मिठनपुरा चौक, सरैयागंज टावर, सिकंदरपुर मोड़ आदि प्रमुख चौराहे पर ऑटो सड़क पर बेतरतीब खड़े दिखे।

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इसे बाइक सवार, पैदल और छोटी गाड़ियों से शहर में आने और यहां से लौटने वाले राहगीरों को परेशानी हुई। इधर, डीटीओ कुमार सत्येंद्र यादव का कहना है कि कुछ ऑटो चालक रूट का पालन नहीं कर रहे है। वैसे को चिह्नित किया गया है। आगे डीएम की ओर से गठित कमेटी के द्वारा जल्द इसके लिए एक स्पेशल ड्राइव चलाया जाएगा। अबतक सड़क पर नहीं उतरे नोडल पदाधिकारी : नगर आयुक्त की सहयता के लिए एसडीओ पूर्वी, डीटीओ और डीएसपी ट्रैफिक को अटैच किया गया है। ऑटो परिचालन की नई व्यवस्था के तरह क्यूआर कोड नगर निगम को तैयार करना है। लेकिन, यह अबतक नहीं बन सका है। दूसरी ओर, अबतक नोडल पदाधिकारी एक बार भी अपनी टीम के साथ सड़क पर नहीं उतर सके है। जबकि, ट्रैफिक पुलिस और परिवाहन कार्यालय का दावा है कि वे लोग औसतन हर दिन डेढ़ से दो लाख का जुर्माना रूट पर परिचालन नहीं करने के एवज में वसूल रहे हैं। दो जनवरी से शहर में लागू है रूट वार परिचालन : जानकारी हो कि शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए दो जनवरी 2026 से जिला प्रशासन ने एक नये रूटवार परिचालन की शुरूआत की। कुल 22 रूट इसके लिए तय किये। इसपर 5100 ऑटो व ई-रिक्शा को इन रूट पर परिचालन के लिए कलर कोड के साथ रूट नंबर दिये गये। लेकिन, 5100 के अलावा दो से तीन हजार ऑटो व ई-रिक्शा चालक बिना कलर कोड और रूट नंबर के परिचालन कर रहे है। इससे जाम की स्थिति यथावत है। इसके निगरानी के लिए डीएम सुब्रत कुमार सेन ने नगर आयुक्त को नोडल पदाधिकारी बनाया हुआ है। ------------------------------------- ब्रह्मपुरा में ट्रैफिक लाइट के नीचे खड़ा करते हैं ई-रिक्शा : ब्रह्मपुरा चौक पर ट्रैफिक लाइट के नीचे ई-रिक्शा खड़ा होने से बीबीगंज की ओर जाने वाले वाहन फंसेते हैं। इसे लेकर संजय सिनेता रोड और बैरिया की ओर से आने वाली गाड़ियां फंसी। दूसरी ओर यादव नगर चौराहे पर ऑटो व ई-रिक्शा के बेतरती खड़े होने से भगवानपुर फ्लाई ओवर पूरे दिन जाम के जद में रहा। यहां ट्रैफिक पुलिस की तैनाती भी नहीं रही। वहीं गोबरसही और भगवानपुर चौराहे पर ऑटो के खड़ा होने से भी जाम लगता रहा। भगवानपुर गोलंबर के चारो तरफ ऑटो की पार्किंग से राहगीर पूर दिन हकलान रहे। कई बार बाइक सवार दुर्ग्घटनाग्रस्त होने और ट्रक के चपेट में आने से भी बाल-बाल बचे। इसके अलावा गोबरसही चौक से पहले सेना के बूचरी लैंड के पास बने अवैध कट से गोबरसही जाने वाले वाहनों की वजह से जाम लगा। मोहल्ला के लोगों से दुर्व्यवहार पर उतारू हो जाते है ऑटो चालक : अघोरिया बाजार और रामदयालु नगर रोड में भी ऑटो व ई-रिक्शा का दबंगई चरम पर रहा। अघोरिया बाजार चौक के प्रोफेसर कॉलोनी के पास ई-रिक्शा का जमावड़ा रहा। इससे मोहल्ला के बाशिंदे भी परेशान रहे। पूर्व वायू सैनिक आनंद कुमार, ई. अजय कुमार ने बताया कि कॉलोनी के गेट तक ई-रिक्शा खड़ा रहता है। चरपहिया हो या दोपहिया किसी वाहन से निकलने में जाम के जद में फंसना होता है। पहले ये अघोरिया बाजार चौक पर रूकते थे। अब वहां सिग्नल होने के बाद ये 100-200 मीटर पहले ही आकर गाड़ी खड़े करते है। उन्हें बोलने परी वे दुर्व्यवहार पर उतारू हो जाते है।