
स्कूल, शिक्षा कार्यालयों की भूमि का होगा सत्यापन व संरक्षण
मुजफ्फरपुर में स्कूल, टीचर ट्रेनिंग कॉलेज और शिक्षा कार्यालयों की भूमि का सत्यापन और संरक्षण किया जाएगा। इसके लिए भू-संपदा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी सभी डीपीओ और पीओ के साथ मिलकर भूमि का संकलन और आकलन करेंगे। शिक्षा विभाग की भूमि का एकत्रित आंकड़ा भी रखा जाएगा।
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। स्कूल, टीचर ट्रेनिंग कॉलेज व शिक्षा कार्यालयों की भूमि का सत्यापन और संरक्षण होगा। इसके लिए भू-संपदा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। प्रमंडलीय जिला मुख्यालय के लिए भू-संपदा अधिकारियों का पदस्थापन विभाग की ओर से किया जा रहा है। भू-संपदा अधिकारी सभी डीपीओ, पीओ के साथ जाकर भूमि का संकलन और आकलन करेंगे। राजस्व और भूमि सुधार विभाग इसमें सहयोग करेंगे। विभाग ने निर्देश दिया है कि शिक्षा कार्यालय में इनका भी कार्यालय होगा। भूमि के रकबा, खाता, खेसरा के साथ ही अतिक्रमित जमीन का भी ये अधिकारी ब्योरा जुटाएंगे। शिक्षा विभाग के निदेशक प्रशासन मनोरंजन कुमार ने इसे लेकर डीएम और डीईओ को पत्र लिखा है।
शिक्षा विभाग की भूमि का एक जगह रहेगा आंकड़ा निदेशक प्रशासन ने निर्देश दिया है कि शिक्षा विभाग की राज्यभर में उपलब्ध सभी तरह की भूमि का एक जगह आंकड़ा रहेगा। सेवानिवृत अधिकारियों का संविदा पर भू-संपदा अधिकारी पद पर नियोजन किया गया है, जो राजस्व और भूमि सुधार की जानकारी रखते हैं। फॉर्मेट में देनी है इतनी जानकारी : जिला का नाम, अंचल का नाम, पंचायत का नाम, संबंधित राजस्व ग्राम का नाम और थाना संख्या, स्कूल का नाम, भूमि का खेसरा नंबर, भवन वाली भूमि का रकबा, शेष भूमि का रकबा, कुल रकबा, चौहद्दी, भूमि से संबंधित कागजात है या नहीं, भूमि का प्रकार गैरमजरूआ है या आम, भूमि किस प्रकार से प्राप्त है, भूमि पर दखल है या नहीं। अल्पसंख्यक स्कूल और प्रशिक्षण संस्थान का इस तरह देंगे आंकड़ा: प्रशिक्षण संस्थान, विद्यालय का नाम, खाता नंबर, खेसरा संख्या, कुल रकबा, चौहद्दी, अतिक्रमित भूमि का रकबा।

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